: देवकीनंदन संमतालिया के स्मृति में संतो का हुआ अभिनन्दन
बमबम यादव
Sun, Apr 7, 2024
चारभुजा धाम आश्रम में हुआ विशाल भंडारा, विशिष्ट संतों का हुआ सम्मान समारोह

पांच सौ वर्षों का सपना हुआ पूरा : महंत अयोध्या दास
अयोध्या। रामनगरी के रामघाट स्थित चारभुजा धाम आश्रम में महंत अयोध्या दास जी महाराज के पावन सानिध्य में देवकीनंदन संमतालिया की स्मृति धूमधाम से मनाया गया। जिसमें रामनगरी के विशिष्ट संतो का अभिनन्दन किया गया। स्व देवकीनंदन जी के स्मृति में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें आये हुए संतो का विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम के संयोजक प्रदीप संमतालिया, दिलीप संमतालिया व संजय संमतालिया रहें। संयोजक ने आये हुए अतिथियों का स्वागत पुष्प वर्षा से किया। महंत अयोध्या दास महाराज ने कहा राममंदिर वहीं बना जहां हम सभी ने संकल्प लिया था। 22 जनवरी को श्रीरामलला अपने दिव्य-भव्य नूतन मंदिर में विराजमान हुए, जिससे हम लोगों को बहुत ही खुशी की अनुभूति हुई। यह हम सबके लिए ऐतिहासिक दिन था। जो गौरवांवित एवं बहुत ही भावुक करने वाला - पल रहा। इसके लिए हमारे पास कोई शब्द नहीं है, जिससे मैं इसको बयां कर सकूं। लेकिन जो कुछ भी हुआ। वह बहुत ही अच्छा हुआ। उन्होंने कहा कि भव्य मंदिर में श्रीरामलला का विराजमान होना हम सबके लिए खुशी का माहौल रहा। चारों ओर हर्षोल्लास का वातावरण छाया हुआ था। यह बहुत ही अविस्मरणीय पल रहा। जो कभी ना भूलने वाला था। रामलला के विराजमान होने बाद दर्शन-पूजन हेतु रामनगरी में दर्शनार्थियों की भीड़ जमी हुई है। जो अपने आराध्य श्रीरामलला का दर्शन कर धन्य हो रहे हैं। प्रतिदिन रामलला के दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ ही रही है। लोगों में गजब का उल्लास है। जो कम होने का नाम नही ले रहा है। रामलला के प्रति रामभक्तों की ऐसी दीवानगी है कि वह कई मील पैदल चलकर, दौड़ लगाकर अपने आराध्य का दर्शन करने आ रहे हैं। थकावट भी उन्हें डिगा नही पा रहा है। 5 सौ वर्षों के लंबे इंतजार बाद श्रीरामलला सरकार दिव्य, भव्य, नूतन मंदिर में विराजमान हुए हैं। जो सपना हम लोगों ने सैकड़ों वर्ष पहले देखा था। वह सपना साकार हुआ। रामलला टेंट से निकलकर ठाट से अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए। हमारी सदियों की आस पूरी हुई। इससे हम सबको गर्व की अनुभूति हुई। इस ऐतिहासिक पल के हम सभी साक्षी बने। हमारी पीढ़ी सबसे सौभाग्यशाली है। जो हम सबने अपनी आंखों से भव्य राममंदिर बनते देखा, जिसमें श्रीरामलला सरकार विराजमान हुए। राममंदिर के लिए ना जानें कितने लोग बलिदान हो गए। लोगों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। आज भव्य राममंदिर निर्माण से उनका सपना पूरा हुआ। आज हमारे भक्त अयोध्या आये और अपने पिता की पुण्य स्मृति में संतो का अभिनन्दन कर प्रसाद पवाये।इस मौके पर महंत धर्म दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
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