: महंत संतगोपाल दास महाराज को संतों ने शिद्दत से याद किया
बमबम यादव
Sat, May 11, 2024
गुरूदेव संत और गौ सेवी होने के साथ- साथ भजनानंदी संत रहे: महंत श्रीधर दास


अयोध्या। रामनगरी की प्रसिद्ध पीठ श्रीश्यामा सदन मंदिर, रामघाट के साकेतवासी महंत संतगोपाल दास महाराज को संतों ने शिद्दत से याद किया। इस मौके पर मंदिर प्रांगण में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। सभा में अयोध्याधाम के संत-महंतों ने पूर्वाचार्य महंत की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। संतों ने उनके कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश भी डाला। इस अवसर पर श्यामासदन मंदिर के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत बालयोगी श्रीधर दास ने कहा कि आश्रम में उनके गुरूदेव महंत संतगोपाल दास महाराज की तृतीय पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। संतों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया। गुरूदेव संत और गौ सेवी होने के साथ- साथ भजनानंदी संत रहे। जो भजन-साधना में तल्लीन रहा करते थे। वह त्याग, तपस्या एवं वैराग्य की प्रतिमूर्ति रहे। सरलता तो उनमें देखते ही झलकती थी। उनका व्यक्तित्व बड़ा ही उदार था। वह आज हम लोगों के बीच में नही हैं। लेकिन उनकी यश-कीर्ति सदैव हम सबके साथ रहेगी। उन्होंने आश्रम का सर्वांगीण विकास किया। आजीवन मठ की उत्तरोत्तर समृद्धि में लगे रहे। जहां गौ, संत, विद्यार्थी व आगंतुक सेवा सुचार रूप से रही है। उन्हीं की देन है कि वर्तमान समय में आश्रम की गणना अयोध्याधाम के प्रमुखतम पीठों में होती है। जो बहुत ही प्राचीन मंदिर है। मठ में सभी उत्सव, समैया, त्यौहार भव्यता और धूमधाम के साथ परंपरागत रूप से मनाया जा रहा है। श्यामासदन पीठाधीश्वर ने पधारे हुए सभी संत-महंतों का स्वागत-सम्मान किया। पुण्यतिथि पर मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, हनुमानगढ़ी सरपंच महंत रामकुमार दास, महंत गिरीश दास,महंत मनीष दास, महंत शशिकांत दास, आचार्य पं. रमोज वत्स, अशोक सिंहल वार्ड के पार्षद अंकित त्रिपाठी, शिक्षक दिनेश मिश्रा आदि समेत बड़ी संख्या में मंदिर के शिष्य-अनुयायी, परिकर उपस्थित रहे।
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