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: भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में पहुंचे वृंदावन धाम के संत धर्माचार्य

बमबम यादव

Sun, Jan 21, 2024

वृंदावन से उच्चकोटि के संत जगतगुरु पीपाद्वारचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज सहित दर्जनों धर्माचार्य पहुंचे श्री राधा मोहन कुंज, महंत सनत कुमार शरण ने संतों का किया अभिनन्दन

जगतगुरु पीपाद्वारचार्य बलराम देवाचार्य ने मुहूर्त के विवाद पर कहा, भगवान तो जिस घड़ी बैठ जाएं, वही शुभ हो जाता है

अयोध्या।वृंदावन से उच्चकोटि के संत जगतगुरु पीपाद्वारचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज ने कहा कि जन्मभूमि पर श्रीरामलला के विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मुहूर्त पर विवाद खड़ा करने वालों को गोस्वामी तुलसीदास जी की रामचरितमानस देख लेना चाहिए। भगवान जिस घड़ी अपने जन्मस्थान पर बैठ जाएंगे, वही शुभ घड़ी है। उन्होंने कहा कि महाराजा दशरथ ने जब अपने पुत्र श्रीराम के राज्याभिषेक के लिए अपने गुरु वशिष्ठ जी से मुहूर्त पूछा तो उन्होंने इसका बहुत सुंदर जवाब दिया। तुलसीदास जी ने इस प्रसंग का जो वर्णन किया है, उसमें वशिष्ठ जी कहते हैं- 'सुदिन सुमंगल तबहिं जब राम होहिं युवराज।' उन्होंने कहा कि मुहूर्त प्राकृतिक व्यक्ति के लिए होता है। भगवान तो जिस घड़ी बैठ जाएं, वही शुभ है। इस विषय पर विवाद तो है ही नहीं, इस पर त्रेता युग की मुहर लगी हुई है। भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होने जगतगुरु पीपाद्वारचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज आज श्री राधा मोहन कुंज पहुंचे। महंत सनत कुमार शरण ने कहा कि वह प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने की घड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ईश्वर की विशेष अनुकंपा से यह शुभ बेला आ गया। अयोध्या में जो कुछ हो रहा है, वह अकल्पनीय है।

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