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: रामलला के प्रथम वर्षगांठ पर हो रहा रक्षा स्तोत्र पाठ,संत सम्मेलन व भजन संध्या

बमबम यादव

Wed, Jan 22, 2025
रामलला के प्रथम वर्षगांठ पर हो रहा रक्षा स्तोत्र पाठ,संत सम्मेलन व भजन संध्या
41 दिनों में 51 वैदिक आचार्य करेगें सवा लाख राम रक्षा स्तोत्र का पाठ
पाटोत्सव का रामरक्षा स्त्रोत यंत्र प्रसाद के रुप में  पीएम मोदी व सीएम योगी तक भेजा जाएगा
भगवान रामलला को जयपुर की रजाई व छप्पन भोग के साथ पौषवड़ा होगा समर्पित
पांच सौ की प्रतीक्षा के बाद रामलला का पदार्पण का मुहूर्त अपने आप में ही अत्यंत शुभ व मंगलकारी है: डॉ. राजानंद शास्त्री
अयोध्या। नव्य-भव्य मंदिर में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ के पावन अवसर पर प्रभु श्री रामलला पाटोत्सव प्रथम वार्षिक महोत्सव 2025 बहुत ही धूमधाम से मनाए जा रहा है। पाटोत्सव में भगवान रामलला व हनुमानजी के साथ राम रक्षा स्त्रोत यंत्र एक रथ पर सवार होकर मणिराम दास छावनी से शोभायात्रा के रुप में निकलेगी तो दूसरे रथ पर मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास शास्त्री सवार होगे यह शोभा यात्रा बैड बाजे के बीज बुधवार को छावनी से निकलेगी यात्रा की अगुवाई सनातन का अभियान धर्मध्वजा करेंगी। यह यात्रा वाल्मीकि रामायण भवन के श्रीराम सत्संग भवन में आयेगी, जहां पर 250 वैदिक आचार्य रामरक्षा स्त्रोत का पाठ करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत राम मंदिर के बलिदानियों कारसेवकों को पुष्पांजलि देने से होगा। इसके बाद 7 विशेष रामरक्षा स्त्रोत यंत्र का विधिवत पूजन व पाठ होगा यह यंत्र करीब 100 ग्राम शुद्ध चांदी का होगा। इसके बाद ये 7  यंत्र जो पाटोत्सव के प्रसाद के रुप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक भेजा जाएगा। एक यंत्र हनुमानगढ़ी में हनुमानजी महाराज तो एक यंत्र रामजन्मभूमि में भगवान रामलला को समर्पित किया जायेगा,तथा एक यंत्र मणिराम दास छावनी को समर्पित होगा। एक यंत्र रामलला अयोध्याजी सेवा समिति के पास भी होगा जो सनातन की ध्वज पताका के रुप में हिंदू राष्ट्र को स्थापित करने सनातन बोर्ड की स्थापना की अगुवाई करेगा जहां जहां सनातन धर्म की बात होगी वहा उसका विशेष पूजन होगा। कार्यक्रम में मंडल पूजन के बाद 250 वैदिक आचार्य रामरक्षा स्त्रोत यंत्र का पाठ करेंगे। इसके बाद 51 वैदिक आचार्य मणिराम दास छावनी में 41 दिनों तक अनवरत रामरक्षा स्त्रोत पाठ करेंगे। जिसमें प्रतिदिन 2100 पाठ होगा। पाटोत्सव में दोपहर संतो महंतो का विशाल भंडारा व शाम को संत सम्मेलन होगा। इसके बाद देर शाम भजन संध्या का कार्यक्रम होगा जो देर शाम तक चलेगा। जिसमें प्रख्यात भजन गायक सुधीर जी व्यास शामिल होगें। भजन संध्या के साथ साथ प्रसाद वितरण भी होता रहेगा। पौषवड़ा प्रसादी का जायका रामभक्त उठा सकेंगे। प्रथम पाटोत्सव पर यह यंत्र रामलला अयोध्याजी सेवा समिति के अध्यक्ष एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के ज्योतिर्विद एवं कर्मकांडी डॉ. राजानंद शास्त्री द्वारा तैयार कराया गया है।डॉ. राजानंद शास्त्री के अनुसार करोड़ों सनातनियों के कवच की तरह निर्मित रामलला का यंत्र इष्ट, वास्तु, ज्योतिष आदि आयामों से समन्वित है। इसका विधान सनातन शास्त्रों में वर्णित है। डॉ. राजानंद ने बताया कि 14 ग्राम चांदी के फलक पर सामान्य यंत्र बना है। ऐसे लाखों यंत्र निर्मित किए जा चुके हैं और रामलला की स्थापना की प्रथम वर्षगांठ पर वाल्मीकि रामायण भवन के श्रीराम सत्संग भवन में 250 मर्मज्ञ आचार्य रामरक्षा स्ताेत्र के सतत पाठ से अभिमंत्रित करेंगे।इन यंत्रों को कुल सवा लाख रामरक्षा स्तोत्र से अभिमंत्रित किया जाना है। यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि कौन सा यंत्र किसे प्रदान किया जाएगा और वह यंत्र उस व्यक्ति के नाम तथा गोत्र के साथ रामरक्षा स्तोत्र से अभिमंत्रित किया जाएगा। यह यंत्र बुधवार को रामरक्षा स्तोत्र से अभिमंत्रित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं शीर्ष पीठ मणिरामदास जी की छावनी के महंत नृत्यगोपालदास के आशीर्वाद से रामलला यंत्र को रामरक्षा स्तोत्र से अभिमंत्रित किए जाने का अनुष्ठान मणिरामदास जी की छावनी परिसर के श्रीराम सत्संग भवन में हो रहा है। यह अनुष्ठान महंत नृत्यगाोपालदास के शिष्य एवं उत्तराधिकारी महंत कमलनयनदास के आचार्यत्व में संपादित होगा। डा राजानंद ने कहा कि पांच सौ की प्रतीक्षा के बाद रामलला का पदार्पण का मुहूर्त अपने आप में ही अत्यंत शुभ व मंगलकारी है।

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