: धर्मनाथ भगवान की जन्मभूमि रतनपुरी में हुआ पंजामृत महाअभिषेक
बमबम यादव
Fri, Feb 16, 2024
क्षुल्लक प्रशांत सागर महराज के सानिध्य में जल, नारियल जल, इक्षुरस, घी, दूध, दही, सर्वोषधि, चतुष्कोण कलश, चंदन विलेपन, पुष्पवृष्टि से मंगल आरती एवं पूर्णकलश पूर्वक पंचामृत अभिषेक हुआ
अयोध्या। तीर्थक्षेत्र कमेटी के अन्तर्गत जैनधर्म के 15वें तीर्थंकर भगवान धर्मनाथ की जन्मभूमि पर हुआ पंचामृत महाअभिषेक। परमपूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के पावन प्रेरणा एवं मंगल आशीर्वाद से प्रतिदिन भगवान धर्मनाथ की जन्मभूमि रौनाही जी तीर्थ पर महाअभिषेक हो रहा है। उसी क्रम में अयोध्या तीर्थक्षेत्र कमेटी के मंत्री विजय कुमार जैन ने गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के शिष्य क्षुल्लक प्रशांत सागर महराज के सानिध्य में जल, नारियल जल, इक्षुरस, घी, दूध, दही, सर्वोषधि, चतुष्कोण कलश, चंदन विलेपन, पुष्पवृष्टि, मंगल आरती एवं पूर्णकलश पूर्वक पंचामृत अभिषेक भगवान धर्मनाथ की प्रतिमा के मस्तक पर किया। अन्त में सारे विश्व में शांति की कामना से भगवान के मस्तक पर महाशांतिधारा सम्पन्न की गई एवं भगवान धर्मनाथ के चरण स्थल टोंक पर दूध एवं जल से अभिषेक किया गया। भगवान धर्मनाथ के इस क्षेत्र पर अद्भुत शांति एवं सुरम्य वातावरण है जहाँ पर भगवान के कल्याणक के पावन तीर्थ पर अद्भुत शांति प्रतीत होती है। इस अवसर पर आसाम से आए श्री अनिल कुमार जी जैन-गोहाटी (आसाम) एवं खारूपेटिया से आए भक्तगण उपस्थित रहें क्षेत्र के अध्यक्ष पीठाधीश सवस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामी जी के निर्देशन में अयोध्या तीर्थक्षेत्र कमेटी के अन्तर्गत प्रतिदिन भगवान धर्मनाथ जन्मभूमि रतनपुरी रौनाही प्रतिदिन भक्तगण पंचामृत अभिषेक एवं पूजन कर रहे हैं एवं इसका आनन्द के साथ पुण्योपार्जन कर रहे हैं।
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