: नवाह्न पारायण संग शुरु हुआ हनुमंतलला का अवतरण उत्सव
बमबम यादव
Sat, Oct 26, 2024
नवाह्न पारायण संग शुरु हुआ हनुमंतलला का अवतरण उत्सव
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के पर्व पर 30 को भव्यता से जयंती मनाई जाएगी
दुनिया देखेगी अखिल भारतीय निर्वाणी अखाड़े के वैभव का नजारा
केला के पत्तों व तने के साथ आम्म्र पल्लव से मंदिर परिसर में सजेंगे तोरण द्वार
अयोध्या। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी यानि छोटी दीपावली के पर्व पर 30 अक्तूबर को श्री हनुमानगढ़ी में विराजमान हनुमंतलला की जयंती पूरी भव्यता व हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। हनुमानजी अयोध्या के राजा के रुप में विराजमान है,इसलिए उनका जन्मोत्सव बड़े ही भव्यता के साथ मनाई जाएगी।
अखाड़े की परम्परा में हनुमान जयंती से पहले नौ दिवसीय अनुष्ठान किया जा रहा है। इसके साथ अखाड़े की ओर से नियुक्त वैदिक आचार्य गण श्रीराम चरित मानस का नवाह्न पारायण भी कर रहे हैं।
इसकी पूर्णाहुति 29 अक्टूबर को हवन-पूजन के साथ होगी। इस अवसर नवाह्न पारायण में अन्य साधु-, संत व भक्तगण भी शामिल हैं। अनुष्ठान की पूर्णाहुति की तिथि पर हनुमानगढ़ी अखाड़े की तिजोरी गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज व चारों पट्टियों के श्रीमहंतों व उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में खोली जाएगी। इस तिजोरी से सोने-चांदी, हीरे जवाहरात, मूंगा - माणिक्य व अन्यान्य बहुमूल्य वस्तुएं निकाली जाएंगी और पुजारियों के सुपुर्द किया जाएगा। जयंती के मुख्य पर्व पर भगवान का वृहद श्रृंगार इन आभूषणों से किया जाएगा।
गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास कहते हैं कि हनुमानगढ़ी में जयंती पर्व को लेकर विशद तैयारियां की जा रही है। खास बात है कि इसी पर्व पर प्रदेश सरकार के द्वारा दीपोत्सव का भी आयोजन किया जाता है। ऐसे में यहां लाखों दीप तो जलेंगे ही, मंदिर का कोना-कोना दीयों से रोशन होगा। मंदिर परिसर में लगे कांच के सुंदर झूमरों में मोमबत्तियां लगाकर उन्हें प्रज्वलित किया जाता है। इस कार्य के लिए कर्मचारियों का पूरा दस्ता यहां तैनात हैं। इसके अलावा परम्परा नुसार मंदिर परिसर में केला के पत्तों व तने के अतिरिक्त आम्र पल्लव से तोरणद्वार भी सजाए जाएंगे। उधर बाह्य परिसर में पूरे किले को खूबसूरत रंग-बिरंगी लाइटों से सुसज्जित किया जा रहा है। इसके अलावा भक्ति पथ पर विद्युत लाइटों से सुसज्जित भव्य प्रवेश द्वार भी बनाया जाएगा। भगवान के जन्म के क्षण में होने वाली आतिशबाजी भी सदैव दर्शनीय और आकर्षण का केंद्र बनती है।
संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास कहते है कि अयोध्या जी के राजा है श्री हनुमानजी इसलिए हम लोग पूरे उत्सव व उमंग के साथ जन्मोत्सव मनातें है। महंत संजय दास ने अयोध्या वासियों से अपील करते हुए कहा कि जयंती उत्सव में समस्त अयोध्यावासी शामिल हो,घर घर उत्सव मनाया जाये। पूरी अयोध्या में मंगल गीत गाये जायें। चहुंओर दीप मालाओं से उजाला हो सभी के जीवन में नई उमंग चेतना का संचार हो। उत्सव की तैयारियों को अंतिम रुप दिया जा रहा है।
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