: जयगुरु सम्प्रदाय में देवी मां की आराधना का विशेष महत्व है,महिला का अत्याचार महापाप है: प्रियनाथ
बमबम यादव
Mon, Nov 18, 2024
जयगुरु सम्प्रदाय में देवी मां की आराधना का विशेष महत्व है,महिला का अत्याचार महापाप है: प्रियनाथ
महिला श्रद्धालु से अभद्रता पर अखिल भारतीय जयगुरु सम्प्रदाय ने की शिकायत मामले में कार्रवाई की किया मांग
मंदिर प्रबंधन ने एफआईआर के लिए एसएसपी को भेजा पत्र
सीएम योगी को भेजा पत्र,महिला को मिले उचित न्याय, हो कठोर कार्यवाही, रामनगरी में नयाघाट स्थित अति प्राचीन सुरसर मंदिर का मामला
अयोध्या।रामनगरी में परिक्रमा करने आई एक महिला श्रद्धालु से धन की मांग के साथ अभद्रता व छेड़छाड़ मामले को लेकर अखिल भारतीय जय गुरु संप्रदाय ट्रस्ट ने बड़ा एक्शन लिया है। ट्रस्ट के राष्ट्रीय महासचिव प्रियनाथ चट्टोपाध्याय ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने पत्र भेजा है और कहा कि हमारे सम्प्रदाय में श्री ओंकार नाथ मिशन जयगुरु सम्प्रदाय में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया है और देवी आराधना की विशेष महत्त्व है हमारे यहां। महासचिव प्रियनाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि हमारे सम्प्रदाय के सुरसरि मंदिर अयोध्या धाम में एक रामभक्त महिला से अभद्रता का मामला जब से सामने आया है तभी से हमारे महाराज जी श्री किंकर विठ्ठल जी ने कहा कि जो भी दोषी लोग है उन पर कठोर से कठोर कार्रवाई हो। प्रियनाथ जी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेज कर आरोपी भोला जायसवाल, आकाश जायसवाल और महेश जायसवाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया गया है। इधर पीड़ित महिला श्रद्धालु द्वारा घटना की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर किए जाने तथा 7 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक कोतवाली अयोध्या पुलिस की ओर से कोई जांच शुरू नहीं की गई है जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शुरू किए गए मिशन शक्ति अभियान की रामनगरी में सार्थकता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।मालूम हो की यह घटना रामनगरी में नयाघाट स्थित अति प्राचीन सुरसर मंदिर की जहां बीते 9 नवंबर को सिद्धार्थनगर जिले से परिक्रमा करने आई एक महिला श्रद्धालु ने मंदिर के एक कथित कर्मचारी पर अवैध रूप से धन की मांग किए जाने के साथ छेड़छाड़ व अभद्रता का आरोप लगाया था।पीड़ित महिला के मुताबिक वह अपने साथ आए लोगों के साथ अपने गुरु स्थान सुरसर मंदिर में आकर रात रुकी थी।परिक्रमा करके वापस लौटने पर शाम करीब साढ़े आठ बजे खुद को मंदिर का कर्मचारी बताने वाला भोला जायसवाल मंदिर की यज्ञशाला में उसके पास आकर मंदिर में रुकने के एवज पांच हजार रुपए की मांगने लगा।जब उसने बताया कि वो और उसके साथ आए लोग मंदिर के पुराने भक्त हैं तथा प्रतिवर्ष चौदह कोसी/पंचकोसी परिक्रमा में आकर यहां रूकते है और अपनी क्षमता के अनुरूप दान स्वरूप आर्थिक सहयोग देकर वापस चले जाते है तो इस पर वह भड़क गया और उसे अश्लील गालियां देते हुए अभद्रता व छेड़छाड़ करने लगा।स्वयं को अकेला पाकर जब उसने अपने सहयोगियों को आवाज दी तो मौके पर पहुंचे उसके साथियों ने इस घटना को देखा और पुलिस में शिकायत करने की बात कहने लगे।इस पर उस आरोपी व्यक्ति ने महिला श्रद्धालु को पुलिस में शिकायत करने पर फर्जी मुकदमे में जेल भिजवाने की धमकी देते हुए वहां से भाग निकला।उन्होंने बताया कि परिक्रमा में पुलिस के व्यस्त होने की वजह से उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करा दी तथा प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली अयोध्या को भी शिकायती पत्र भेज दिया है।इधर इस मामले के मीडिया में आते ही कोलकाता स्थित सुरसर मंदिर के मुख्यालय महा मिलन मठ से जुड़ा अखिल भारत जय गुरु संप्रदाय ट्रस्ट भी हरकत में आ गया।इस मामले में ट्रस्ट की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर आरोपी भोला जायसवाल, आकाश जायसवाल और महेश जायसवाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया गया है।हालांकि घटना के 7 दिन बाद भी पीड़ित महिला श्रद्धालु की ओर से मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत की छानबीन तक नहीं शुरू की गई है जिसके बाद अब रामनगरी में महिला उत्पीड़न, महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति अभियान के प्रति जागरूकता और सतर्कता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
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