: मां सरयू के गोद में होगा ऐतिहासिक महायज्ञ, करोड़ों मंत्रों के बीच पड़ेगी आहुतियां
बमबम यादव
Fri, Feb 16, 2024
विश्व कल्याण हेतु श्री लक्षचण्डी महायज्ञ, लक्षगणपति महायज्ञ एवं श्रीराम यज्ञ का होगा अद्वितीय आयोजन: डा राघवाचार्य

22 फरवरी को सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ करेंगे अनुष्ठान का शुभारंभ
100 कुण्डीय विराट यज्ञ में 1500 सौ वैदिक आचार्य 17 दिनों तक डालेगे आहुतियां
व्यासपीठ से रामकथा जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य व श्रीमद् भागवत कथा कृष्ण चन्द्र शास्त्री करेंगे कथा की अमृत वर्षा
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा होते ही भौगोलिक धरातल राममय हो गई।चारों तरफ भगवान के नाम कीर्तन व भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। अयोध्या के विकास में तेजी लाने के लिए और विश्व कल्याण हेतु यज्ञ सम्राट महामंडलेश्वर स्वामी प्रखर जी महाराज और रामलला सदन देवस्थानम पीठाधीश्वर श्रीमद् जगतगुरु रामानुजाचार्य डॉ स्वामी राघवाचार्य महाराज के संयोजन में 22 फरवरी माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी गुरुवार से 9 मार्च फागुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी शनिवार तक 17 दिवसीय अद्वितीय
श्री लक्षचण्डी महायज्ञ, लक्षगणपति महायज्ञ एवं श्रीराम यज्ञ का दिव्य भव्य आयोजन होने जा रहा है। मां सरयू के गोद में इस महोत्सव को लेकर तैयारी अंतिम पायदान पर है। करीब 2 किलोमीटर के परिधि में इस पवित्र अनुष्ठान की शोभा देखने लायक है। इस अनुष्ठान का शुभारंभ 22 फरवरी को सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ करेंगे। 100 कुण्डीय विराट यज्ञ में करोड़ो मंत्रों के साथ आहुतियां पड़ेगी। 1500 सौ वैदिक आचार्य 17 दिनों तक करेंगे पाठ।कार्यक्रम में 23 फरवरी से 1 मार्च तक अनुष्ठान के संयोजक रामलला सदन देवस्थानम पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य डा राघवाचार्य रामकथा व 2 मार्च से श्रीमद् भागवत कथा ठाकुर कृष्ण चन्द्र शास्त्री कथा की करेंगे अमृत वर्षा। स्वामी प्रखर जी महाराज ने बताया कि इससे पूर्व देश से भ्रष्टाचार निवारण के लिए दिल्ली इंदौर कानपुर बनारस में महायज्ञ का आयोजन किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि कोरोना कल में पूरे विश्व की रक्षा के लिए वाराणसी में यह आयोजन किया गया था जिससे पूरे विश्व को कोरोना महामारी से निजात मिली। उन्होंने बताया कि अयोध्या में यह हमारी पहला महायज्ञ है। अनुष्ठान के संयोजक जगतगुरु राघवाचार्य महाराज ने कहा कि अयोध्या जी के विकास और राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति जैसे तमाम महत्वपूर्ण राष्ट्र हितार्थ संकल्पों के साथ यह महायज्ञ हो रहा है। इस अनुष्ठान में दुर्गा सप्तशती के एक लाख पाठ एवं दस हजार पाठों से हवन, विघ्न विनाशक भगवान गणेश जी की प्रसन्नता के लिए एक लाख गणपत्यथर्वशीर्ष पाठ तथा श्री सीताराम भगवान की प्रसन्नता के लिए एक लाख श्रीराम सूक्त पाठ के साथ सम्पन्न होगा। अनुष्ठान में 100 सौभाग्यशाली दम्पति यजमान होगें। अनुष्ठान की तैयारी अंतिम पायदान पर है। जगद्गुरू डा राघवाचार्य जी दिन रात अपने परिकरों के साथ तैयारी में लगे हुए हैं। इस मौके पर रमेश मिश्रा शिब्बू, राघवेन्द्र मिश्रा अप्पू, मनोज तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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