: मिथिला की लोक रीति और विधि विधान के बीच होगा हनुमान बाग का राम विवाह
बमबम यादव
Fri, Nov 29, 2024
मिथिला की लोक रीति और विधि विधान के बीच होगा हनुमान बाग का राम विवाह
बरात में मोहक पालकी भव्य रथ के रूप में आस्था के केंद्र में होगी, चार घोड़ों पर श्रीराम सहित चारो भाइयों के स्वरूप चलेंगे
हाथी और ऊंट के साथ दो बैंड पार्टी एवं आर्केस्ट्रा के गुप भी होंगे आकर्षण का केंद्र
अयोध्या। भव्य राम मंदिर और दिव्य रामनगरी निर्मित किए जाने के बीच सीताराम विवाहोत्सव भी भव्यता का प्रतिमान गढ़ने को तैयार हो रहा है। यह भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के वाद का पहला सीताराम विवाहोत्सव है और इस विशिष्ट अवसर पर यह उत्सव अतिरिक्त उत्साह से अनुप्राणित है। वासुदेवघाट स्थित सुप्रतिष्ठित पीठ श्री हनुमानबाग में हनुमान जी की प्रधानता है, किंतु हनुमान जी की आस्था के अनुरूप यहां माता सीता और श्रीराम भी अति प्रधानता के साथ स्थापित हैं। हनुमान जयंती और अन्नकूट के अलावा यहां सीताराम विवाहोत्सव भी वार्षिक उत्सव के रूप में पूरी भव्यता से मनाया जाता है। इस बार तो भव्यता में चार चांद लगाने की तैयारी है।
मिथिला की लोक रीति और विधि विधान के पूर्ण परिपालन की दृष्टि से मिथिला के विशेषज्ञों का 25 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल आमंत्रित किया गया है, दो दिसंबर को ही हनुमानवाग पहुंच जाएगा। बरात भ्रमण, परिणय सूत्र में बंधन एवं सप्तपदी के रूप मुख्य विवाहोत्सव तो छह दिसंबर को है, किंतु विवाह से जुड़ी रस्मों का संपादन दो दिसंबर से ही आरंभ हो जाएगा। महंत जगदीशदास के अनुसार आरंभ रामार्चा पूजन से होगा। विवाह के पूर्व फुलवारी लीला एवं धनुष यज्ञ का भी प्रसंग जीवंत किया जाएगा। बरात की भी व्यापक तैयारी की गई है। बरात में मोहक पालकी भव्य रथ के रूप में आस्था के केंद्र में होगी ही, चार घोड़ों पर श्रीराम सहित चारो भाइयों के स्वरूप चलेंगे। हाथी और ऊंट के साथ दो बैंड पार्टी एवं आर्केस्ट्रा के गुप भी होंगे। यह सारा आयोजन हनुमान बाग सेवा संस्थान के तत्वावधान में होगा। तैयारी में मंदिर के सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री व नितेश शास्त्री लगे हुए है।
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