: सरयू मां को किया गया चुनरी समर्पित,हुआ दुग्ध अभिषेक
बमबम यादव
Wed, Nov 13, 2024
सरयू मां को किया गया चुनरी समर्पित,हुआ दुग्ध अभिषेक
बड़े भक्तमाली राम चरण दास महाराज के 49वीं पुण्यतिथि पर विविध आयोजन, युगल सरकार को लगा छप्पन भोग
वैदिक रीति रिवाज से मंत्राेच्चार संग सरयू मैया का पूजन-अर्चन, भाेग, हुआ आरती
अयाेध्या। प्रसिद्ध पीठ बड़ाभक्तमाल, रामघाट से बुधवार को गाजे-बाजे हनुमानजी के शाही निशान संग भव्य शाेभायात्रा यात्रा निकाली गई। जिसे पीठ के वयाेवृद्ध महंत काैशलकिशोर दास महाराज ने अपना सानिध्य प्रदान किया। माैका है आश्रम के पूर्वाचार्य बड़े भक्तमाली पूज्य राम चरण दास जी महाराज के 49वीं पुण्यतिथि समाराेह का, जिसके परिप्रेक्ष्य में चुनरी महाेत्सव का आयाेजन किया गया। यह शाेभायात्रा रामनगरी के मुख्य मार्गाें से हाेते हुए सरयू के सहस्रधारा आरती घाट पहुंची। जहां वैदिक रीति रिवाज से मंत्राेच्चार संग सरयू मैया का पूजन-अर्चन, भाेग, आरती हुआ। तत्पश्चात मैया का दुग्ध से अभिषेक किया गया। उसके बाद एक छाेर से दूसरे छाेर तक सरयू मैया काे चुनरी चढ़ाई गई। इस माैके पर बड़ाभक्तमाल के महंत स्वामी अवधेश कुमार दास महाराज ने कहा कि प्रतिवर्ष आश्रम की तरफ से चुनरी महाेत्सव का आयाेजन किया जाता। जिसकाे गुरूदेव महंत काैशलकिशोर दास महाराज अपना संयाेजन प्रदान करते हैं। मठ से शाेभायात्रा निकलती है। फिर सरयू तट पहुंचकर सरयू मैया काे चुनरी समर्पित की जाती है। उसी उपलक्ष्य में इस बार भी चुनरी महाेत्सव का आयाेजन किया गया। सरयू मैया का पूजन-अर्चन, अभिषेक कर चुनरी चढ़ाई गई। मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का आज विश्राम होगा। गुरुवार को मंदिर प्रांगण में पूर्वाचार्य बड़े भक्तमाली महाराज की 49वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई जायेगी, जिसमें रामनगरी के विशिष्ट संत-महंत सम्मिलित रहेंगे। संत पूर्वाचार्य काे श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। चुनरी महाेत्सव में बावन मंदिर के महंत वैदेहीवल्लभ शरण, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास, तुलसी दास जी की छावनी पीठाधीश्वर महंत जनार्दन दास,डाड़िया पीठाधीश्वर महंत गिरीश दास, नागा रामलखन दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, शिवम श्रीवास्तव समेत अन्य संत-महंत एवं मंदिर से जुड़े हुए भक्तगण उपस्थित रहे।तो वही देर शाम मंदिर में युगल सरकार को छप्पन भोग लगाया गया। जिसमें नगरी विशिष्ट संतों का सम्मान किया गया। इस मौके पर राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ास्थान बिंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य, आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के महंत मैथली रमण शरण, रामकथा कुंज के महंत डा रामानंद दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
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