: जैन धर्म एवं संस्कृति के एक महान उन्नायक संत के रूप में आचार्यश्री को सदैव जाना गया: ज्ञानमती माता
बमबम यादव
Mon, Feb 19, 2024
आचार्यविद्यासागर ब्रह्मलीन, जैन मंदिर रायगंज में हुआ श्रद्धांजलि सभा, जैन समाज गमगीन हुआ
अयोध्या। जैन समुदाय के वरिष्ठतम आचार्य विद्यासागर महाराज की आकस्मिक निधन से जैन मुनियों व साध्वियां शोक ग्रस्त हैं। दिगम्बर जैन मंदिर रायगंज में रविवार वरिष्ठतम आचार्य को नमन कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। शोक की इस घड़ी में सर्वोच्च साध्वी व वयोवृद्ध ज्ञानमती माता ने दी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जैन धर्म एवं संस्कृति के एक महान उन्नायक संत के रूप में आचार्यश्री को सदैव जाना गया है। उन्होंने कहा कि संत समाज की आधारशिला होते हैं, उनमें आचार्य विद्यासागर ने जैन तीर्थों के संरक्षण व विकास में जो कार्य किये हैं, वह अतुल्यनीय हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि जैन संत पदविहार करते हैं इसलिए संतों का मिलन दुर्लभता से होता है। फिर भी आचार्यश्री के साथ हम लोगों की अनेक बार भेंट वार्ता हुई है। श्रद्धांजलि के अवसर पर प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती माता एवं पीठाधीश स्वस्ति रवीन्द्रकीर्ति स्वामी ने भी आचार्यश्री के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
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