: आजीवन संत परम्परा का निर्वाहन किया आचार्य रामदास त्यागी ने: महंत बालकृष्ण दास
बमबम यादव
Wed, Nov 13, 2024
आजीवन संत परम्परा का निर्वाहन किया आचार्य रामदास त्यागी ने: महंत बालकृष्ण दास
हनुमत उपासना कुंज के संस्थापक की 10वीं पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किया गया
अयाेध्या। रामनगरी के हनुमत उपासना कुंज, मीरापुर डेराबीबी के संस्थापक आचार्य रामदास त्यागी महाराज काे 10वीं पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किया गया। इस अवसर पर सोमवार काे आश्रम परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयाेजन हुआ। सभा में रामनगरी के संत-महंताें ने साकेतवासी महंत के चित्रपट पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया और उनके कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इससे पहले मंदिर प्रांगण में साेमवार काे भव्य रामार्चा पूजन का कार्यक्रम को वैदिक आचार्याें द्वारा सम्पन्न कराया गया। इस माैके पर हनुमत उपासना कुंज के वर्तमान महंत बालयाेगी बालकृष्ण दास जी महाराज ने कहा कि पूर्वाचार्य महंत रामदास त्यागी महाराज विरक्त संत रहे। वह भजन-साधना में तल्लीन रहा करते थे। उन्होंने आजीवन संत परम्परा का निर्वाहन किया। गाै एवं संत सेवी भी थे। इस आश्रम की स्थापना उनके द्वारा की गई, जिसका उन्होंने खूब विकास किया। मंदिर के उत्तराेत्तर विकास में जीवन भर लगे रहे। पूर्वाचार्य के बारे में जितना कहा जाए वह कम ही हाेगा। आज वह हम सबके बीच में नही हैं। लेकिन उनकी यश-कीर्ति हमेशा रहेगी। अंत में महंत बालयोगी बालकृष्ण दास ने आए हुए संत-महंताें का स्वागत-सत्कार किया। इस अवसर पर काफी संख्या में संताें और भक्तों ने प्रसाद पाया।
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