: आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मण किला में रंगभरी बधाई पर जमकर उड़े अबीर गुलाल
बमबम यादव
Sat, Apr 20, 2024
मिथिली से आई सखियों के गायन और नृत्य की रही धूम, तो अयोध्या के प्रसिद्ध गायकों ने जमकर अपनी कला का जादू बिखेरा



महोत्सव को किलाधीश श्रीमहंत मैथलीरमण शरण जी महाराज ने सानिध्यता और मंदिर के युवा संत अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण ने अपना संयोजन प्रदान किया
श्रीरामजन्मोत्सव के बाद भी पूरी अयोध्यानगरी उत्सवी रंग में डूबी रही। जहां मठ-मंदिरों में बधाई, सोहर आदि गीत गाकर कलाकारगण महोत्सव में चार-चांद लगा रहे थे। तो वही आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मण किला का उत्सव देखने लायक है। जहां पर मिथिला की सखियां गीत संगीत नृत्य से पूरा महफिल में चार चांद लगा रही है। मौका था लक्ष्मण किला में रंगभरी बधाई का। आचार्य पीठ लक्ष्मण किला में किलाधीश श्री महंत मैथिली रमण शरण की अध्यक्षता में उत्सव की धूम रही। यहां रंगभरी बधाई को भगवान के जन्म के उल्लास की धूम रही। अयोध्या के प्रसिद्ध गायकों में विनोद शरण, एमबी दास, राम नंदन शरण, रामआसरे दास आदि ने जमकर अपनी कला का जादू बिखेरा। इस अवसर पर मिथिली से आई सखियों के गायन और नृत्य की धूम रही। हनुमत निवास के महंत मिथिलेश नंदिनी शरण सहित दो दर्जन से ज्यादा प्रमुख महंतों की मौजूदगी रही। इस दौरान संतों ने पुष्प वर्षा और गुलाल लगाकर रामजन्म का उल्लास मनाया।कलाकारों ने उत्सव की महफिल सजा दिया। इससे साधु-संत, भक्तगण मंत्रमुग्ध हो गए। मंदिर में श्रीरामजन्मोत्सव का उल्लास छाया रहा। मध्यान्ह प्रभु श्रीराम के जन्म बाद मंदिर में भजन, बधाई एवं सोहर गीत का सिलसिला देररात्रि तक चला। भगवान श्रीराम के प्राकट्य की खुशी में प्रसाद वितरण हुआ। पूरा मंदिर प्रांगण रंग-बिरंगी रोशनी में नहाया रहा, जिससे अनुपम छटा निखर कर सामने आ रही थी। चारों ओर हर्षोल्लास का वातावरण छाया रहा। भगवान के जन्मोत्सव की खुशी में साधु-संत से लेकर भक्तगण झूमने को आतुर दिखे। उनकी खुशी का कोई ठिकाना नही था। सभी अपनी सुध-बुध खोकर उत्सवी रंग में डूबकर नाच रहे थे। चहुंओर भक्तिमय वातावरण फैला रहा। महोत्सव को किलाधीश श्रीमहंत मैथलीरमण शरण जी महाराज ने सानिध्यता और मंदिर के युवा संत अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण ने अपना संयोजन प्रदान किया। आचार्य पीठ में भगवान श्रीराम का प्राकट्योत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। महोत्सव पर भजन, बधाई आदि का कार्यक्रम हुआ। उसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। कलाकारों को न्यौछावर भी भेंट किया। किलाधीश श्रीमहंत मैथलीरमण शरण जी महाराज ने कहा कि इस बार श्रीरामनवमी पर्व का बड़ा ही महत्व रहा। क्योंकि हमारे आराध्य श्रीरामलला सरकार पांच सौ वर्षों के लंबे संघर्ष बाद भव्य मंदिर में विराजमान हुए। श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा बाद यह श्रीरामजन्मोत्सव का पहला पर्व था, जिसको हम सबने बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक मनाया। इस अवसर पर तमाम कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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