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: बड़ा भक्त माल के भगवान श्रीराम को सोने का घनुष बाण धारण कराया

बमबम यादव

Wed, Apr 17, 2024

जयपुर के कारीगरों ने इन आभूषणों को किया तैयार, करीब 500 ग्राम का है घनुष बाण

बड़ा भक्तमाल तपस्या की दृष्टि से अयोध्या का परम वैभवशाली आश्रम है, यहां निरंतर भगवान और उनके भक्तों के साथ गो सेवा का प्रकल्प समृद्ध रहा है: रमेश भाई ओझा

अयोध्या। भगवान रामलला के जन्म महोत्सव के आनंद पूरी अयोध्या मग्न है। चारों तरफ उत्सव का माहौल है। रामजन्मोत्सव के पावन अवसर पर बड़ा भक्त मंदिर में श्रीमहंत कौशल किशोर दास जी महाराज के सानिध्य व वर्तमान पीठाधीश्वर  महंत अवधेश दास जी महाराज के संयोजन में रामलला सदन देवस्थानम पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज व सांदीपनि आश्रम गुजरात के प्रख्यात कथावाचक रमेश भाई ओझा जी के हाथों आज भगवान रामलला को सोने से निर्मित भव्य घनुष बाण धारण कराया गया। बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर स्वामी महंत अवधेश कुमार दास ने बताया कि जयपुर के कारीगरों ने घनुष बाग को तैयार किया है। उन्होंने कहा कि हमारा इस संसार में कुछ भी नहीं है। सब कुछ उस परमात्मा का दिया हुआ ही है। ये सब तो उन्हीं का दिया हुआ ही उसे समर्पित कर रहे हैं। यह जो हमारा संकल्प और प्रयास है। उसके पीछे भी भगवान सीताराम की ही शक्ति है। बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश कुमार दास ने बताया कि भगवान के सोने का घनुष बाण को मंदिर से जुड़े भक्तों के सहयोग से तैयार कराया गया है। उन्होंने कहा कि शरीर की नश्वरता का आत्म बोध होने के बाद से यह संकल्प था जो कि भक्तों के सहयोग से पूरा होने जा रहा है। प्रख्यात कथावाचक रमेश भाई ओझा ने कहा कि बड़ा भक्तमाल तपस्या की दृष्टि से अयोध्या का परम वैभवशाली आश्रम है। यहां निरंतर भगवान और उनके भक्तों के साथ गो सेवा का प्रकल्प समृद्ध रहा है। रामलला सदन देवस्थानम पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज ने कहा कि बड़ा भक्त माल मंदिर त्याग तपस्या साधना का केन्द्र हमेशा रहा है। पूज्य महाराज श्री की कृपा ऐसी ही बनी रहें। आये हुए अतिथियों का स्वागत मंदिर के पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास व उनके शिष्य कृष्णा ने किया।

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