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बमबम यादव
Sun, Jan 12, 2025
रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय समाज की आधारशिला है: डा कुमार विश्वास
रामायण विश्वविद्यालय में कवि कुमार विश्वास ने प्रस्तुत की अपने अपने राम कथा
महर्षि महेश योगी जी के 108वी जयंती महोत्सव का छाया उल्लास
कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा, विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने का प्रयास कर रहा
अयोध्या। महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय में आयोजित महर्षि महेश योगी जी के 108वी जयंती महोत्सव के अवसर पर प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास ने अपनी विशेष प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। डॉ. कुमार विश्वास ने ‘ अपने अपने राम कथा शीर्षक के माध्यम से भगवान श्रीराम के चरित्र और आदर्शों का वर्णन किया। कार्यक्रम की शुरुआत अयोध्या के साधु-संतों के सम्मान के साथ हुई। डॉ. कुमार विश्वास ने कहा, श्रीराम का चरित्र ही कविता है। भगवान श्रीराम पर कविता लिखी नहीं जाती, उनका चरित्र स्वयं काव्य का रूप ले लेता है। उन्होंने भारतीय साहित्य के आदिकवि महर्षि वाल्मीकि और आधुनिक कवि मैथिलीशरण गुप्त का उल्लेख करते हुए कहा कि हर कवि को अपनी कविता को राम तक ले जाना ही पड़ेगा, तभी उसमें संजीवनी तत्व आएगा। डॉ. कुमार विश्वास ने मंच से कई राम भजनों की प्रस्तुति दी, जिनकी मधुर धुनों ने पूरे पंडाल को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भजनों पर झूम उठे और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। अपने कथा में उन्होंने कहा कि रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय समाज की आधारशिला है। राम के आदर्श हर युग में प्रासंगिक हैं और युवाओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने डॉ. कुमार विश्वास का स्वागत करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने का प्रयास कर रहा है।इस मौके पर महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के प्रबंधक श्रद्धानंद श्रीवास्तव,महर्षि महेश योगी रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट से जुड़े मुकेश सक्सेना, डा भानू प्रताप सिंह सहित देश-विदेश से आए महर्षि महेश योगी जी के अनुयायियों ने भी हिस्सा लिया।
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