: महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय में श्री राम तारक यज्ञ का हुआ भव्य शुभारंभ
बमबम यादव
Sat, Jan 11, 2025
महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय में श्री राम तारक यज्ञ का हुआ भव्य शुभारंभ
महर्षि महेश योगी जी एक दूरदर्शी संत थे, जिनकी सोच और दृष्टि ने विश्व में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रचार-प्रसार किया: डॉ. कुमार विश्वास
अयोध्या। महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय श्री राम तारक यज्ञ का हुआ भव्य शुभारंभ। यज्ञ की शुरुआत यज्ञाचार्य सतीश चंद्र शास्त्री ने 21 ब्राह्मणों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार करते हुए की। इसके साथ ही 251 ब्राह्मणों ने सामूहिक रूप से राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया। राम तारक यज्ञ में मुख्य यजमान के रूप में महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव उनकी पत्नी निशी श्रीवास्तव व पुत्र आलोक उपस्थित रहे। यज्ञ के दौरान राम तारक यज्ञ में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर आहुति दी गई। यज्ञ के शुभारंभ के साथ पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर, अयोध्या के महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, उपाध्यक्ष राहुल, ट्रस्टी पंकज शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति आयोजन में सम्मिलित हुए। तो वही कार्यक्रम के दूसरे सत्र सायंकाल अपने अपने राम कथा के शुभारंभ के अवसर पर राष्ट्रीय कवि डॉ. कुमार विश्वास ने महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय की स्थापना को महर्षि जी की दूरगामी सोच कहते हुए महर्षि जी की उपलब्धियों को याद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि महेश योगी जी एक दूरदर्शी संत थे, जिनकी सोच और दृष्टि ने विश्व में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रचार-प्रसार किया। उनके जैसा महान व्यक्तित्व इस दुनिया में बहुत कम ही देखने को मिलता है। कुमार विश्वास ने भगवान राम की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, भगवान राम अयोध्या से प्रयागराज गए थे, और आज हम प्रयागराज से अयोध्या जा आए हैं। यह मेरे लिए सौभाग्य का क्षण है। उन्होंने बताया कि वह रामलला के दर्शन किए, लेकिन दर्शन के बाद उनकी आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। भावुक होकर उन्होंने कहा दर्शन तो 15 सेकंड के लिए हुए, लेकिन 15 मिनट तक मेरी आंखों से आंसू बहते रहे। इस अवसर पर उन्होंने राम जन्मभूमि विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग भगवान राम को काल्पनिक बताते थे। उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि का विवाद चल रहा था, तब कुछ लोग राम के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे थे। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि रामनवमी के दिन ही कोर्ट बंद हो गया। पंडाल में हजारों की संख्या में लोग कुमार विश्वास की कथा सुनने के लिए जुटे। कार्यक्रम के पहले दिन भारी भीड़ जुटी। इस मौके पर महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के प्रबंधक श्रद्धानंद श्रीवास्तव,महर्षि महेश योगी रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट से जुड़े मुकेश सक्सेना, डा भानू प्रताप सिंह सहित देश-विदेश से आए महर्षि महेश योगी जी
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