: निकली भगवान राम की बारात, बाराती बनकर झूमी अयोध्या
बमबम यादव
Sat, Dec 7, 2024
निकली भगवान राम की बारात, बाराती बनकर झूमी अयोध्या
राम बारात में झूमकर नाचे बाराती, विविध रूप और वेशभूषा में निकले बाराती राममय हुई अयोध्या
श्री कनक भवन, श्री हनुमान बाग,श्री जानकीमहल ट्रस्ट, श्री दशरथ जी का राजमहल बड़ी जगह, श्री रंग महल सहित दर्जनों मंदिरों से निकली भगवान राम की भव्य बारात
अयोध्या। पुण्य सलिला मां सरयू के किनारे बसी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में विवाह पंचमी के शुभ अवसर अयोध्या के विभिन्न मंदिरों से श्री राम की बारात निकाली गयी। इस भव्य राम बारात में भगवान श्री राम के पिता और गुरु की भूमिका में अयोध्या के वरिष्ठ संत मौजूद रहे। वही इस बारात में शामिल हज़ारो बाराती ढोल नगाडो की धुन पर थिरकते नज़र आये राम विवाह के मौके पर पूरी अयोध्या भक्ति रस में रंगी नज़र आई और राम बारात का नगर के अलग अलग स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। जगत नियंता भगवान श्री राम अपने अनुजों समेत सजधज कर निकले अपनी बारात। चहुंओर हर कोई नाचते गाते निकले भगवान की बारात। हाथी घोड़े ऊट बैडबाजे बारात की शोभा बड़ा रहे थे। हर शक्स खुशी में झूमता नजर आ रहा था। अपने आराध्य के शादी का जश्न लोगों के सर चढ़ बोल रहा था। बड़े ठाटबाट से निकली भगवान श्रीराम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न की बारात और उतने ही ठाटबाट से निकले भगवान के बाराती।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में राम विवाह उत्सव लगभग सप्ताह भर से चल रहा है वही विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर भगवान श्री राम और जनकनंदिनी सीता का विवाह कार्यक्रम होता है इस मौके पर अयोध्या के मठ मंदिरों से बारात निकाली जाती है। जिसमे एक मंदिर से में बारात लेकर प्रतीकात्मक रूप से जनकपुर बनाए गए दुसरे मंदिर तक पहुचती है जहां चारो भाई राम लक्ष्मण भरत और शत्रुघन सहित सभी बारतियो का स्वागत किया गया।
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग का विवाहोत्सव भी बड़ा सुंदर व देखने योग्य रहा। महंत जगदीश दास जी महाराज के अगुवाई में सजधज कर निकले बाराती फिजाओं में चार चांद लगा रहे थे। बारात में भगवान शंकर, हनुमानजी के स्वरूप पूरे माहौल को भक्ति मय कर रहें थे। बारात की अगुवाई खुद हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास महाराज कर रहें थे। उनके साथ रामनगरी के विशिष्ट संत भी भगवान राम के बाराती बन नाचते गाते जा रहे थे। इस मौके पर जगद्गुरु परमहंस आचार्य,गद्दी नशीन जी के शिष्य महंत मामा दास, उपेंद्र दास, सूर्य भान दास,लवकुश दास सहित सैकड़ों संत मौजूद रहें। व्यवस्था में पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री,नितेश शास्त्री सहित हनुमान बाग से जुड़े शिष्य परिकर लगे रहे। जानकीमहल ट्रस्ट का विवाहोत्सव बड़ा ही अद्भुत व अनोखा है। मिथिला पद्धति की उपासना प्रधान होने के कारण से किशोरी जी का मायका होता है। यहां पर भगवान राम का दुल्हा सरकार के रुप में पूजा होती है। मारवाड़ी ठाटबाट देखने को बनता है। पूरे विधि विधान से विवाहोत्सव मनाया जाता है। ट्रस्टी युवा समाजसेवी आदित्य सुल्तानिया कहते है कि हमारी पूजा ही मिथिला पद्धति से है। हम किशोरी जी को बेटी व राम जी को दुल्हा सरकार के रुप में उपासना करते है। इस मौके पर ट्रस्ट से जुड़े दिलीप सुल्तानिया,अजीतसरिया, विष्णु अजीत सरिया, चंद्रप्रकाश अग्रवाल, बिहारी लाल सर्राफ, मुरारीलाल अग्रवाल, सुनील कुमार, आशीष भिवानीवाला, प्रदीप लोहारीवाला, दिनेश अग्रवाल, नीता सुल्तानिया, अरुण सुल्तानिया,मधुर चिरेनीवाल, नरेश पोद्दार सहित जानकी महल ट्रस्ट परिवार परिवार विवाहोत्सव में आनंदित हो रहा था।
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