Wednesday 6th of May 2026

ब्रेकिंग

हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर भक्तों की सेवा में जुटे महंत संजय दास ने ORS व जूस का वितरण; श्रद्धा और भक्ति से सराबोर दिखी

बंगाल ने पहली बार खुलकर ली सांस, श्रेय अमित शाह को: बृजभूषण शरण सिंह

पीएम मोदी-गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति व सुनील बंसल के क्रियान्वयन से हुई बंगाल विजय: ऋषिकेश 

श्रद्धालुओं के साथ हर किसी आमजन को हनुमानजी महाराज का दिव्य प्रसाद भोजन के रुप मे उपलब्ध करा रहें महंत बलराम दास

संतों के सानिध्य में 6 दिवसीय आयोजन सम्पन्न, कथा व रासलीला ने भक्तों को किया भावविभोर

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: इच्छाओं की पूर्ति के साधन के रूप में धर्म करता हो वह पुण्यात्मा: राधेश्याम

बमबम यादव

Sat, Nov 26, 2022

अयोध्या। जिसके शील में अर्थात सहज स्वभाव में धर्म हो वह धर्मात्मा है। और जो अपनी अनन्त इच्छाओं की पूर्ति के साधन के रूप में धर्म करता हो वह पुण्यात्मा है।उक्त बातें प्रख्यात कथावाचक राधेश्याम शास्त्री जी ने कौशलपुरी कालोनी फेज 1 पानी टंकी के निकट आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्धितीय दिवस कही।राधेश्याम शास्त्री ने कहा कि धर्मात्मा और पुण्यात्मा में बडा़ अन्तर होता है। रावण ,कंस, दुर्योधन, प्रतापभानु , ये सब पुण्यात्मा तो हैं पर धर्मात्मा नही हैं। उन्होंने कहा कि दशरथ जी, नन्द यशोदा, देवकी वसुदेव, भीष्म, विदुर  धर्मात्मा हैं। धार्मिक व्यक्ति का अर्थ है समर्पित व्यक्ति।उसकी अपनी कोई इच्छा नहीं है। अगर जीवन दुयोंधन के पक्ष में खड़ा कर दे, तो वह वहीं खड़ा हो जाएगा। कथाव्यास राधेश्याम जी ने कहा कि अगर जीवन अर्जुन के पक्ष में खड़ा कर दे, तो वह वहीं खड़ा हो जाएगा। धार्मिक व्यक्ति तो निमित्त—मात्र है। इसलिए जहां परमात्मा की इच्छा हो, वहीं खड़ा हो जाता है। उसने अपनी तरफ से निर्णय लेना छोड़ दिया है। 

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें