Wednesday 4th of November 2026

ब्रेकिंग

श्रीराम एवं मां सीता को परमाराध्य एवं उनके दूत हनुमान जी को परमाचार्य के रूप में स्वीकृत- शिरोधार्य

दिगंबर अखाड़ा में हुतात्मा कारसेवक स्मृति सभा का भव्य आयोजन, चंपत राय बोले- 500 वर्षों के संघर्ष और कारसेवकों के बलिदान

भक्ति आंदोलन मंच न्यास का विस्तार, महंत परशुराम दास बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बाल योगी रामदास को प्रदेश की कमान

सर्किट हाउस में हुआ स्वागत, बादल बोले- संगठन को मिलेगी नई मजबूती

हनुमानगढ़ी स्थित आश्रम में जुटे संत-महंत और राजनीतिक हस्तियां, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी कर चुके थे आश्रम

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: सोने व चांदी से निर्मित करोड़ों के हिडोलें पर विराजमान हुए राम, सीता व लक्ष्मण

बमबम यादव

Tue, Aug 13, 2024
रामलला सदन देवस्थानम् में झूलन महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ, संतों का हुआ समागम जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज ने संतों का किया अभिनन्दन अयोध्या। झूला पड़ा कदम की डारी, हम सखि देखन जवाय न... आदि जैसे लोक गीतों से भगवान प्रभु श्रीराम की नगरी गुंजायमान हो रही है। अयोध्याधाम के प्रमुख पीठों में शुमार रामलला सदन देवस्थानम पीठ में आज समारोह पूर्वक झूलन महोत्सव का भव्य शुभारम्भ हो गया। जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज के कुशल सानिध्य में मंदिर में सावन झूलन महोत्सव का कार्यक्रम धूमधाम से मनाया जा रहा है। भगवान श्रीराम, माता सीता व भाई लक्ष्मण जी झूले पर झूलते हुए जगत का कल्याण कर रहे हैं। साथ ही साथ विशिष्ट कलाकारगणों ने झूलन के गीतों से उत्सव की शमा बांध दी। इससे उपस्थित साधु-संत, भक्तगण मंत्रमुग्ध हो गए। मठ में युगल सरकार के झूलनोत्सव का कार्यक्रम देररात्रि तक चल रहा है। पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य महाराज कलाकारों को न्यौछावर भी भेंट कर रहे हैं। पूरा रामलला सदन प्रांगण युगल सरकार के झूलन महोत्सव से ओत प्रोत है। जहां भक्तगणों का तांता लगा हुआ है। भक्तजनों ने युगल सरकार के झूलन झांकी का दर्शन कर जीवन धन्य बनाया। धार्मिक, साहित्यिक एवं आध्यात्मिक नगरी अयोध्याधाम में श्रावण झूलन महोत्सव की धूम मची हुई है। शाम को सांस्कृतिक संध्या और मंदिरों में झूलन कार्यक्रम से श्रद्धालु, भक्तों की भीड़ बढ़ रही है। इस समय रामनगरी में सुबह से लेकर शाम तक प्रभु श्रीराम अपने भाईयों और जानकी संग झूला झूल रहे हैं। जिसे देखकर भक्तगण आनंदित एवं भावविभोर हो रहे हैं। साथ ही भक्तों के लिए यह दृश्य मनोरम व दर्शनीय है। जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी कहते हैं उपासना परम्परा साधकों का नितांत व्यक्तिगत विषय है। इसके साथ-साथ लोक परम्परा की अवहेलना नहीं हो सकती है। वह भी देवाराधन का विषय हो तो फिर उसकी उपेक्षा कैसे संभव है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वाचार्यों ने जिस लोक परम्परा को अंगीकार किया है, उसका निर्वहन हम सबका भी कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि मंदिर में युगल सरकार का झूलनोत्सव शुरू हो गया है। जो रक्षाबंधन तक अपने चरम पर रहेगा। उसके बाद झूलन महोत्सव का समापन हो जायेगा। मठ में प्रतिदिन सायंकाल ठाकुरजी के भोग, आरती- पूजन बाद युगल सरकार की दिव्य झूलन झांकी सज रही है। झूलन सरकार हम साधु-संत झूला झुलाते हुए भाव के अंतरंग में आनंदित हो रहे हैं। भगवान के झूलन झांकी का दर्शन करने से मनुष्य को सांसारिक माताओं की गोद में कभी नही झूलना पड़ता है।इस मौके पर बड़ा भक्त माल के बड़े महंत कौशल किशोर दास, महंत कमलनयन दास, महंत अवधेश दास, जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य जी, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, महंत रामानंद दास,महंत माधव दास, महंत संजय दास,वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास आदि लोग मौजूद रहें।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें