Thursday 3rd of September 2026

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हनुमानगढ़ी के सागरिया पट्टी से जुड़े महंत रामकृपाल दास ठाकुर पहलवान को संतों ने किया नमन

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कृपालु रामदास पंजाबी बाबा को संतों ने किया नमन : पंजाबी बाबा समर्पण और मणिरामदास छावनी के विकास में उनका योगदान हमेशा याद रहेगा: महंत कमल नयन दास

कृपालु रामदास पंजाबी बाबा को संतों ने किया नमन

पंजाबी बाबा समर्पण और मणिरामदास छावनी के विकास में उनका योगदान हमेशा याद रहेगा: महंत कमल नयन दास

सच्चे संत का वैभव त्याग, सेवा और साधना में होता है, जो पंजाबी महाराज के जीवन में दिखाई देता था: राधेश्याम शास्त्री

अयोध्या। श्री मणिराम दास छावनी में साकेतवासी संत श्री कृपालु रामदास जी महाराज (पंजाबी महाराज) की श्रद्धांजलि सभा महंत नृत्यगोपाल दास महाराज की अध्यक्षता में आयोजित हुई। सभा में संतों ने पंजाबी महाराज के तप, त्याग, गुरु-भक्ति और आध्यात्मिक जीवन के साथ मणिरामदास छावनी के लिए समर्पण को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम में मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण करते हुए बताया कि अयोध्या संतों की सराय है और इसी सराय के अनमोल हीरा थे पूज्य पंजाबी महाराज। ऐसे महापुरुष कभी नहीं मरते, वे अपने आदर्शों और तपस्या के रूप में सदैव जीवित रहते हैं। उन्होंने कहा गुरुदेव भगवान के प्रति उनका समर्पण और मणिरामदास छावनी के विकास में उनका योगदान हमेशा याद रहेगा, उनका जीवन गुरुदेव भगवान और मणिरामदास छावनी के लिए समर्पित हो गया था और अंतिम क्षण तक सेवा भाव उनके अंदर कूट-कूट के भरा था और निरंतर सेवा करते रहते थे।

अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता राधेश्याम शास्त्री ने कहा कि सच्चे संत का वैभव त्याग, सेवा और साधना में होता है, जो पंजाबी महाराज के जीवन में दिखाई देता था।उनका संपूर्ण जीवन संत समाज, साधकों और गृहस्थों के लिए प्रेरणा का प्रकाश-स्तंभ रहेगा। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत भावुक क्षण है जब गुरु महंत नृत्यगोपाल दास महाराज अपने ऐसे अनन्य शिष्य को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। अतिथियों का स्वागत सम्मान अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता राधेश्याम शास्त्री एवं महेंद्र दास ने किया। इस अवसर पर महंत रामकुमार दास, विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा,गुजरात के डॉ. रंजीत सिंह, मुंबई के डॉ. चंद्रमौली द्विवेदी, लखनऊ के शरद जी, प्रमोद पांडेय, शत्रुघ्न कसौधन सहित अनेक अनेकों संतों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

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