Thursday 3rd of September 2026

ब्रेकिंग

हनुमानगढ़ी के सागरिया पट्टी से जुड़े महंत रामकृपाल दास ठाकुर पहलवान को संतों ने किया नमन

श्री अवध बिहारी कुंज में अग्रपीठाधीश्वर स्वामी डॉ. राघवाचार्य वेदांतीजी के द्वितीय साकेतोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित नौ

रामनगरी में प्रथम महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने किया ऐतिहासिक स्वागत,किया गदा भेंट

भक्ति की अविरल धारा में बही रामनगरी, कलश यात्रा से श्री सियपिय मिलन महोत्सव का शुभारंभ

वेस्टलैंड बुक्स की ‘सीईंग एक्वली’ में विश्व के 13 हिंदू धर्मगुरुओं के साथ मिली जगह, समता और मानवता के विचारों को किया

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

राम मंदिर आंदोलन के जननायक महंत रामचंद्र परमहंस की स्मृति में गूंजी : 23वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में दिगंबर अखाड़ा में श्रद्धा, स्मृति और भक्ति का त्रिवेणी संगम हुआ

राम मंदिर आंदोलन के जननायक महंत रामचंद्र परमहंस की स्मृति में गूंजी भागवत कथा की अमृतधारा

23वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में दिगंबर अखाड़ा में श्रद्धा, स्मृति और भक्ति का त्रिवेणी संगम हुआ

महंत सुरेश दास के सानिध्य एवं उनके उत्तराधिकारी महंत राम लखन दास के संयोजन में मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र देवाचार्य के श्रीमुख से सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के पुरोधा और ‘प्रतिवाद भयंकर’ की उपाधि से अलंकृत महंत रामचंद्र परमहंस दास महाराज की 23वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में दिगंबर अखाड़ा में श्रद्धा, स्मृति और भक्ति का त्रिवेणी संगम हुआ। महंत सुरेश दास महाराज के सानिध्य एवं उनके उत्तराधिकारी महंत राम लखन दास महाराज के संयोजन में मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र देवाचार्य के श्रीमुख से सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ संत-महंतों ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर संतों ने कहा कि दिगंबर अखाड़ा वह तपोभूमि है, जहां से श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की हुंकार बुलंद हुई थी। महंत रामचंद्र परमहंस आज भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके संघर्ष, तप और संकल्प की परिणति के रूप में आज रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं। उनके आंदोलन ने करोड़ों रामभक्तों की आस्था को एक दिशा और संघर्ष को नई ऊर्जा प्रदान की।

संत-महंतों ने 23 वर्ष पूर्व की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि महंत रामचंद्र परमहंस दास ऐसी महान विभूति थे, जिनके साकेतवास के बाद अंतिम दर्शन के लिए केंद्र सरकार की कैबिनेट सहित देशभर के संत-महंत अयोध्या पहुंचे थे। उनकी अंतिम यात्रा में अयोध्या का प्रत्येक नागरिक सहभागी बना और स्वयं को गौरवान्वित अनुभव किया। संतों ने कहा कि उनका जीवन त्याग, तपस्या और श्रीराम के प्रति अटूट समर्पण की जीवंत गाथा था। संतों ने दिगंबर अखाड़ा के वर्तमान उत्तराधिकारी महंत राम लखन दास महाराज की भी सराहना की। कहा कि उनके उत्तराधिकारी बनने के बाद अखाड़े की परंपरा, गरिमा और वैभव को नई ऊंचाई मिली है। महंत सुरेश दास महाराज ने योग्य उत्तराधिकारी का चयन कर दिगंबर अखाड़ा की गौरवशाली परंपरा को और सुदृढ़ किया है।

महंत राम लखन दास महाराज ने सभी संतों, महंतों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह गुरुदेव भगवान का आशीर्वाद है कि उन्हें उस पावन स्थान की सेवा का अवसर मिला, जहां से श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन ने अपना स्वरूप पाया और आज रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं। कथा की विश्राम बेला पर महंत रामचंद्र परमहंस दास महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की संभावना है। महंत रामचंद्र परमहंस की पुण्यतिथि 15 अगस्त, श्रावण शुक्ल पक्ष तृतीया को दिगंबर अखाड़ा में श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी। 

उद्घाटन सत्र का संचालन रामकथा कुंज के महंत एवं श्रीराम जन्मभूमि धार्मिक समिति के सदस्य डॉ. रामानंद दास महाराज ने किया। इस अवसर पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, महंत गौरीशंकर दास, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेशप्रपन्नाचार्य, बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश कुमार दास, जानकीघाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण, श्रीरंग महल के महंत रामशरण दास, तुलसीदास छावनी के महंत जनार्दन दास, बड़े हनुमान मंदिर के अधिकारी छविराम दास, हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, महंत वैदेही वल्लभ शरण, महंत विवेक आचारी, राजूदास सहित सैकड़ों संत-महंत उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान दिगंबर अखाड़ा के प्रबंधक अभिषेक सिंह ‘आंसू’ ने किया। कथा के शुभारंभ अवसर पर सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें