Friday 6th of November 2026

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अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर पर हो रहा कुठाराघात : पखावज वादक स्वामी पागलदास के मार्ग का नाम बदलने पर गरमाई सियासत,नगरी के साधु संत समेत आमजन में भी रोष

अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर पर हो रहा कुठाराघात

पखावज वादक स्वामी पागलदास के मार्ग का नाम बदलने पर गरमाई सियासत,नगरी के साधु संत समेत आमजन में भी रोष

सोशल मीडिया पर भी महापौर के इस निर्णय का लगातार विरोध हो रहा

स्वामी पागल दास जी अयोध्या की धरोहर है और धरोहर के साथ खिलवाड़ नही करना चाहिए: महंत मनीष दास

स्वामी पागलदास का नहीं, बल्कि बजरंगबली का भी अपमानः पवन

अयोध्या। अयोध्या की कला और सांस्कृतिक परंपरा पर गहरी चोट पहुंचाते हुए नगर निगम ने विश्व प्रसिद्ध पखावज वादक स्वामी पागलदास के नाम पर बने मार्ग का नाम बदल दिया। इस फैसले ने राजनीतिक बल्कि रामनगरी के साधु संत व आमजनों समेत सांस्कृतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है।

अयोध्या के लोकप्रिय नेता पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय 'पवन' ने भाजपा पर सीधा हमला करते हुए कहा यह सिर्फ स्वामी पागलदास का नहीं, बल्कि बजरंगबली का भी अपमान है। पखावज बजरंगबली का प्रिय वाद्य यंत्र है और स्वामी पागलदास ने इसे अपने जीवन की साधना बनाया। पूर्व मंत्री पवन ने याद दिलाया कि दो दशक पहले नगर पालिका अयोध्या ने, तत्कालीन भाजपा विधायक और पूर्व सांसद लल्लू सिंह की सहमति से, स्वामी पागलदास के नाम पर मार्ग का नामकरण किया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नाम बदलने में माहिर है, लेकिन इस बार का कदम अयोध्या की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा का अपमान है। उन्होंने नगर निगम से नाम बदलने के फैसले को तत्काल रद्द करने की मांग की और कहा कि यह मामला अयोध्या की अस्मिता से जुड़ा है।तो वही नगरी के पत्थर मंदिर पीठाधीश्वर महंत मनीष दास ने भी महापौर के नाम बदलने के फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि महापौर का यह कार्य गैर जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि स्वामी पागल दास जी अयोध्या की धरोहर है और धरोहर के साथ खिलवाड़ नही करना चाहिए। महंत मनीष ने कहा कि अगर जल्द ही इस पर पुनर्विचार नही हुआ तो संत समाज बैठक करके आंदोलन की रणनीति बनायेगी। सोशल मीडिया पर भी महापौर के इस निर्णय का लगातार विरोध हो रहा है।

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