Thursday 3rd of September 2026

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: जिसका मन काबू में नहीं उसकी भक्ति किसी काम की नही: शिवांश

बमबम यादव

Sat, Aug 10, 2024
हनुमान बाग मंदिर में रामकथा का उल्लास चरम पर, मंदिर में झूलनोत्सव अपने शबाब पर, हनुमान बाग मंदिर दुल्हन की तरह सजी अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में इन दिनों व्यासपीठ से श्रीराम कथा कथा की अमृत वर्षा वृंदावन से पधारे प्रख्यात कथावाचक आचार्य शिवांश मिश्र जी कर रहें हैं। यह महोत्सव हनुमान बाग के भजनानंदी संत महंत जगदीश दास महाराज के अध्यक्षता में हो रहा है। कथा के पंचम दिवस शिवांश जी ने कहा कि आप उन लोगों को मिलते हैं जो दीन हीन हो कर अपना जीवन व्यतीत करते हैं उनको आप मिलते हैं जो अपने पद का, अपने धन का, अपने सौंदर्य के मद में डूब जाता है उसको आप नहीं मिलते हो जब तक हमारे ह्रदय इन उपाधियों से छुटकारा नहीं पा लेता तब तक हमारा ह्रदय शुद्ध नहीं होगा और जब तक ह्रदय शुद्ध नहीं होगा तब तक हमे भगवान मिलने वाले नहीं है। आचार्य जी कहते हैं कि जब व्यक्ति अपने हृदय को शुद्ध कर लेगा विनम्रता से तो कही जाकर शुद्ध ह्रदय में भक्ति पैदा होगी। जिस प्रकार सत्संग सुनने के लिए हम अपनी चप्पल जूते बाहर उतार कर आते हैं उसी प्रकार अपने जीवन में भक्ति पाने के लिए हमें अपने सारे पद प्रतिष्ठ सभी उपाधियों को जीवन से उतार देना चाहिए। जब तक हम भगवान की प्रसन्नता के लिए कार्य नहीं करेंगे तब तक हमे भगवान मिलने वाले नहीं। आचार्य शिवांश जी कहते हैं कि भगवान को प्राप्त करने का एकमात्र मूल्य है अपने हृदय को भगवान को पाने की उत्कंठा मैं लगाना हमें अपने हृदय में भगवान को पाने की उत्कंठा होनी चाहिए। जब तक उत्कंठा नहीं होगी तब तक भगवान मिलने वाले नहीं है। ज्ञान के बलबूते पर हम भगवान को नहीं पा नही सकते। जो दशरथ जी थे वह ज्ञान स्वरूप थे और कौशल्या माताजी भक्ति स्वरूप थीं। भगवान जब भी कभी किसी को मिलेंगे तो वह केवल भक्ति के माध्यम से ही मिलेंगे। तो वही हनुमान बाग के मुख्य द्वार पर श्रद्धालुओं के भव्य प्रसाद वितरण किया जा रहा है। जिसमें पूढ़ी,सब्जी व मीठा तो चावल राजमा हलुवा आदि प्रसाद से भक्तों की सेवा हो रही है।यह महोत्सव हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास महाराज के अध्यक्षता में हो रहा।महोत्सव की देखरेख सुनील दास व रोहित शास्त्री कर रहें। कार्यक्रम में मुख्य रुप से आरडी खन्ना, बीरभान अरोड़ा, मनोहर लाल शर्मा, बीडी गुप्ता, बलदेव शर्मा,राजकुमार महाजन, रमेश गुप्ता, नितेश शास्त्री आदि रहें।

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