: दलित युवती से रेप के मामले में महंत के ऊपर मुकदमा दर्ज
Fri, Jul 8, 2022
झाड़-फूंक के बहाने महंत ने किया रेप, दुराचारी महंत पुलिस हिरासत में
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में झाड़-फूंक के बहाने नयाघाट स्थित सियावल्लभ कुंज में 22 साल की दलित युवती से महंत ने रेप किया। यह घटना 6 जून की है जो 7 तारीख को सामने आई थी। इसके बाद आरोपी महंत हनुमान दास को हिरासत में ले लिया गया था। इस मामले में आज मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्यवाही की जा रही है।
हनुमान दास पर रेप के अलावा एससी-एसटी एक्ट,झाड़-फूंक के नाम पर धन लेने, गाली देने आदि धाराओं में कार्यवाही की गई है। पीड़ित युवती ने इस मामले में एक और महंत का नाम घटना में शामिल होने की बात कही है जिसको पुलिस ने जांच के नाम पर टाल दिया है। आरोपी महंत हनुमान दास को लेकर सत्ता पक्ष के ही नेता आमने-सामने थे। सत्ता पक्ष की आपसी लड़ाई व महंत मामला होने के कारण पुलिस बहुत दबाव में थी।
पीड़ित युवती अयोध्या जिले के तारुन थाना क्षेत्र की रहने वाली है। सूत्रों के अनुसार वह दिल्ली के एक लड़के से प्रेम करती थी। जबकि उसके घर वाले यह नहीं चाहते थे। लड़की को इस प्रेम बंधन से मुक्त कराने के लिए अयोध्या में झाड़-फूंक कराने आए थे।
दुराचारी महंत ने लड़की को अपने कमरे में रख लिया और उसके मां-बाप को राम की पैड़ी की नहर में पैर लटका कर बैठने के लिए भेज दिया। इस बात की पुष्टि पुलिस की जांच में सीसीटीवी में भी हुई है। महंत पर पहले भी दुराचार का आरोप लग चुका हैl
दुराचारी महंत शादी शुदा है और वह तीन लड़कियों का पिता भी है। उसकी इस करतूत से संत भी हैरत मे हैं। हालांकि उसकी गतिविधियां लंबे समय से संदिग्ध बताई जा रही है। बताते चले कि महंत को दुराचार के मामले से बचाने के लिए सत्ता पक्ष के बड़े नेताओं के साथ लखनऊ के नंबर की सफेद रंग की स्कार्पियो कार से एक युवक पुलिस को धन देने के लिए घूमता रहा। हांलाकि पुलिस ने उसे जेल भेजने की धमकी देकर डांट कर भगा दिया पर वह पूरे समय नकदी लेकर घूमता व दबाव बनाता रेप का मामला सामने आने के बाद एसएसपी प्रशांत वर्मा ने सीओ अयोध्या डाक्टर राजेश तिवारी को इस मामले की जांच सौपी थी। आज दोपहर पुलिस ने सुबूत जुटाने के बाद एसएसपी को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। एसएसपी की हरी झंडी के बाद ही अयोध्या कोतवाली में मुकदमा दर्ज हो सका।
: छेदा सिंह से बृजमोहन दास बना डकैत, बनवाए फर्जी दस्तावेज
Mon, Jun 27, 2022
15-20 सालों से चित्रकूट में साधू बन कर रह रहा था छेदा सिंह
विक्रम मल्लाह के यहां से फूलन देवी का अपहरण करने वाला डकैत पकड़ा गया, संत बना हुआ था
चित्रकूट। पुलिस के मुताबिक छिद्दा के पास से बृजमोहन दास नाम का फर्जी आधार कार्ड, फर्जी पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और राशन कार्ड मिला। छेदा सिंह के खिलाफ जालौन, कानपुर देहात और औरैया में आईपीसी की कई धाराओं के तहत 21 मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक छिद्दा सिंह पर यह भी आरोप है कि 1981 में बेहमई कांड से पहले जब फूलन देवी का अपहरण विक्रम मल्लाह के ठिकाने से किया गया था, तब छिद्दा सिंह उसमें शामिल था।
गिरफ्तार आरोपी छेदा सिंह ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि लालाराम गैंग में सक्रिय रहने के दौरान उसने गैंग के साथ मिलकर दर्जनों लूट और अपहरण की घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक साल 1998 में उसने गैंग के साथ मिलकर थाना अयाना क्षेत्र के जसवंतपुर गांव के 4 लोगों का अपहरण किया था। इसमें कुछ लोगों को फिरौती लेकर छोड़ दिया गया था और एक अपहर्ता को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान छुड़वाया था। इसी मुकदमे में पुलिस को छिद्दा की तलाश थी। धीरे-धीरे जब लालाराम गैंग का अंत होने लगा, तो पिछले 15-20 सालों से छिद्दा चित्रकूट में साधू बन कर रह रहा था।
पिछले 24 सालों से डकैती और लूट के मामलों में फरार चल रहे आरोपी डकैत छेदा सिंह उर्फ ‘छिद्दा’ को गिरफ्तार कर लिया गया है। छिद्दा को उत्तर प्रदेश की औरैया पुलिस ने रविवार, 26 जून को गिरफ्तार किया। लालाराम गैंग के सक्रिय सदस्य रहे छिद्दा पर 50 हजार का इनाम भी था। ऐसा बताया जाता है कि छेदा सिंह फूलन देवी की किडनैपिंग में भी शामिल रहा था। छिद्दा के खिलाफ लूट और अपहरण के दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस से बचने के लिए वो साधू बनकर मध्य प्रदेश में रह रहा था। हालांकि, पुलिस ने छिद्दा को औरैया स्थित गांव भासौन में उसके घर से ही गिरफ्तार किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक छिद्दा शनिवार 25 जून को भासौन गांव, अयाना स्थित अपने घर आया था। मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी थी कि छिद्दा साधु-संतों के साथ गाड़ी से अपने घर पर आया है। सूचना के आधार पर अयाना पुलिस की आठ लोगों की टीम उसके घर पहुंची और गिरफ्तार कर लिया।
: अपने ही बुने जाल में फंस गया काशीराम
Wed, May 25, 2022
दो लाख रूपए के लूट की वारदात निकली फर्जी, उधार लिए रूपए को हड़पने के लिए बनाई थी योजना
अयोध्या पुलिस ने 24 घंटे के भीतर किया खुलासा
अयोध्या। महराजगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को सरायरासी के पास हुई लूट की घटना फर्जी निकली। थाना क्षेत्र के ही राजेपुर निवासी काशीराम ने असलहे के बल पर तीन बदमाशों पर एक लाख 70 हजार रुपये लूटने की सूचना पुलिस को दी थी। पड़ताल में जुटी पुलिस को घटना संदिग्ध लगी। जिसके बाद हुई कड़ाई से पूछताछ में फर्जी लूट की असली कहानी सामने आई।
पुलिस लाइंस सभागार में बुधवार को प्रेसवार्ता कर एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने मंगलवार को हुई दो लाख रुपये लूट की घटना का पर्दाफाश किया। बताया कि 24 मई की सुबह करीब 10.59 बजे डायल 112 पुलिस के माध्यम से सूचना मिली कि महराजगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सरायरासी के पास एक व्यक्ति से तीन बदमाशों ने असलहे के बल पर एक लाख 70 हजार रुपये लूट लिया है। जिसके बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम कथित पीड़ित काशीराम यादव निवासी ग्राम राजेपुर थाना महराजगंज अयोध्या को सामुदाकिय स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। दिनदहाड़े लूट की घटना की सूचना पर एसएसपी समेत पुलिस के उच्चाधिकारी भी घटना स्थल पहुंचे। निरीक्षण के बाद गहनापूर्वक कार्रवाई को निर्देशित किया। वहीं काशीराम के लिखित तहरीर पर तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ महराजगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम छानबीन में लग गई। छानबीन से कोई सुराग हासिल नहीं हुआ जिससे घटना संदिग्ध प्रतीत होने लगी। पुलिस टीम कथित पीड़ित काशीराम से ही पूछताछ शुरू की तो वह टूट गया। एसएसपी के मुताबिक काशीराम ने पूरी कहनी उगल दी। उसने बताया कि उसने हरिराम पुत्र रामसमुझ निवासी इचौलिया थाना पटरंगा जनपद अयोध्या से दो लाख रुपये बतौर कर्ज लिया था। जिसके बाद हरिराम उधार चुकता करने को बार बार तगादा करने लगा। आजिज आकर उधारी देने को 24.05.22 को फोन कर बुलाया था। काशीराम यादव अपनी पत्नी रेखा देवी के साथ पूरा बाजार स्थित बैंक से पत्नी के खाते से एक लाख 70 हजार रुपये निकाला और रुपये पत्नी को देकर घर भेज दिया। हरिराम को रुपये वापस न करना पड़े इसलिए खुद सरायरासी के पास पहुंचकर असलहे के बल पर लूट की घटना का शोरगुल मचाया। यूपी डायल 112 पर भी मोबाइल से तीन बदमाशों द्वारा रुपये लूटने की सूचना दी।
वहीं पुलिस टीम कथित पीड़ित काशीराम यादव के बताने पर उसकी पत्नी रेखा देवी के पास पहुंची। जिसकी निशादेही पर एक लाख 70 हजार जो भूसैले में छिपाया था उसे बरामद कर ली। महराजगंज थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में 24 घंटे के भीतर घटना का अनावरण करना व किसी दूसरे को फंसाने के लिए वादी काशीराम पर आईपीसी की धाराओं में केस दर्ज कर मया बाजार तिराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया।