Tuesday 5th of May 2026

ब्रेकिंग

संतों के सानिध्य में 6 दिवसीय आयोजन सम्पन्न, कथा व रासलीला ने भक्तों को किया भावविभोर

अयोध्या में पार्किंग व्यवस्था पर सवाल, श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के आरोप

सृष्टि एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही: प्रबंध निदेशक रवि यादव 

सौरभ कुमार ने 98.10 व सुमित तिवारी ने 96.64 अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया 

संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: यह पल मेरे लिए बहुत ही अविस्मरणीय : गद्दीनशीन

बमबम यादव

Mon, Apr 28, 2025
यह पल मेरे लिए बहुत ही अविस्मरणीय : गद्दीनशीन
सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में हो जायेगा दर्ज, गद्दीनशीन प्रेमदास महाराज बहुत ही हुए भावुक, कहा हनुमान जी ने मुझे किया प्रेरित
गद्दीनशीन जी रामलला से सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया यानी सबके सुखी रहने और सबके स्वस्थ रहने की प्रार्थना करेंगे
अयोध्या। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्री महंत प्रेमदास महाराज 30 अप्रैल यानी अक्षय तृतीया को श्रीराम जन्मभूमि पर नव्य, दिव्य, भव्य मंदिर में विराजमान रामलला का दर्शन करेंगे। हनुमानगढ़ी के इतिहास में यह पहला अवसर है। जब हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन 52 बीघा के बाहर जाकर रामलला का दर्शन करने जा रहे हैं। इससे एक नई परंपरा की शुरूआत हो रही है। जो सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो जायेगा। वर्तमान गद्दीनशीन जी को रामलला का दर्शन करने की प्रेरणा बजरंगबली से मिली है। इसके लिए हनुमानजी महाराज ने उन्हें प्रेरित किया है। वह रामलला का दर्शन बजरंगबली के प्रतिनिधि तौर पर करेंगे। गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज बहुत ही भावुक हो गए। रविवार को उन्होंने अपने आश्रम पर भावुक होते हुए कहा कि यह पल मेरे लिए बहुत ही अविस्मरणीय है। इससे मैं बहुत ही अभिभूत हूँ। खुद हनुमानजी ने मुझे प्रेरित किया है। हनुमानजी की प्रेरणा से 30 अप्रैल अक्षय तृतीया को मैं रामलला का दर्शन करने जा रहा हूं। इस दिन सबसे पहले सुबह 7 बजे हनुमानगढ़ी से सरयू तट के कच्चा घाट तक शाही जुलूस निकलेगा। जहां सर्वप्रथम वैदिक मंत्रोच्चार संग सरयू मैया का पूजन-अर्चन किया जायेगा। उसके बाद बजरंगबली के निशान को स्नान कराकर पूजन-अर्चन होगा। फिर मैं स्वयं सरयू स्नान करूंगा। तत्पश्चात सरयू तट से ऐतिहासिक शाही जुलूस निकाला जायेगा, जिसमें सबसे आगे बजरंगबली का निशान। शाही जुलूस में गाजा बाजा, हाथी-घोड़ा, ऊंट इत्यादि रहेगा। बीच में खिलाड़ी रहेंगे। जो अपना करतब दिखायेंगे। शाही जुलूस में मैं रथ पर सवार रहूंगा। इस शाही जुलूस में हनुमानगढ़ी चारों पट्टी के महंत, सरपंच, नागातीत, व्यापारी, श्रद्धालु समेत हजारों लोग शामिल रहेंगे। शोभायात्रा पर हेलीकॉप्टर समेत सैंकड़ो जगहों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जायेगा। शाही जुलूस रामनगरी के मुख्य मार्ग से होते हुए क्षीरेश्वरनाथ मंदिर के सामने गेट नंबर तीन रामजन्मभूमि परिसर में प्रवेश करेगा। श्रीराम जन्मभूमि मे श्रीरामलला को रामरक्षा स्तोत्र का पाठ सुनाते हुए उनके चरणों में 56 भोग समर्पित करूंगा। मेरे द्वारा रामलला के गर्भगृह की परिक्रमा का शुभारंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राममंदिर आंदोलन से मैं बहुत दिनों से जुड़ा रहा हूं। इस आंदोलन मैंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रामलला अपने नव्य, दिव्य, भव्य मंदिर में विराजमान हो गए हैं। रामलला का दर्शन-पूजन कर मैं समस्त जनमानस व जीव मात्र के कल्याण की कामना करूंगा। उन्होंने याद दिलाया कि वह भी मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे और आठ वर्ष पूर्व गद्दीनशीन होने के बाद हनुमान जी के दरबार से ही रामलला के मंदिर की कामना-प्रार्थना करते रहे। उन्होंने बताया कि वह रामलला से सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया यानी सबके सुखी रहने और सबके स्वस्थ रहने की सनातन प्रार्थना करेंगे। कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली गई है। कार्यक्रम की देखरेख खुद गद्दीनशीन जी के उत्तराधिकारी महंत डा महेश दास जी, मामा दास व अखाड़े के मुख्तार अजय श्रीवास्तव कर रहें।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें