Saturday 7th of November 2026

ब्रेकिंग

भक्ति, आस्था, संस्कृति और उल्लास के संगम ने डूबी रामनगरी अयोध्या

दीपों की सुनहरी आभा, घंटियों की गूंज और जयकारों से संपूर्ण सरयू तट हुआ भक्तिमय

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बतौर मुख्य अतिथि दीपोत्सव के 10वें संस्करण में दिया देश को संदेश

माता-पिता से रामनगरी के बारे में सुनकर आए पॉल, दोस्तों की प्रशंसा सुन शेल्बे ने भी बनाया अयोध्या आने का मन -सरयू आरती मे

अयोध्या धाम में दीपोत्सव-2026 समारोह में मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या की उपेक्षा करने, रामभक्तों पर गोलियां चलवाने और संत

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: गुरु कृपा से ही भक्ति मार्ग की प्राप्ति होती है:रामानुजाचार्य

बमबम यादव

Sat, Aug 19, 2023

नवदिवसीय श्री राम कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ

सरयू पूजन करते रामानुजाचार्य जी महाराज

दिल्ली से आये 500 भक्त शोभायात्रा में हुए सम्मिलित, गणपति पूजन वरुण पूजन के साथ-साथ सभी ने किया मां सरयू जी का पूजन

श्री खंडेलवाल वैश्य निष्काम सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित हुआ महोत्सव

अयोध्या । प्रतिष्ठित पीठ श्री अशर्फी भवन में श्रावण मास के पावन अवसर पर झूलन उत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया। महोत्सव पर श्री खंडेलवाल वैश्य निष्काम सेवा समिति के द्वारा आयोजित नवदिवसीय श्री राम कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। देश के विभिन्न प्रांतो से एवं देश की राजधानी दिल्ली से पधारे हुए 500 भक्त शोभायात्रा में सम्मिलित हुए। गणपति पूजन वरुण पूजन के साथ-साथ मां सरयू जी का पूजन सभी भक्तों ने जगद्गुरु स्वामी श्री धराचार्य जी महाराज के सानिध्य में किया। महाराज श्री ने मां सरयू का दुग्ध अभिषेक किया। श्री राम नाम की धुन का संकीर्तन करते हुए सभी भक्त शोभायात्रा में नृत्य करते हुए झुनकी घाट से कथा स्थल अशर्फी भवन तक पहुंचे। कथा में व्यास पीठ पर विराजित जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री धराचार्य जी महाराज ने  कहां जन्म जन्मांतरों का पुण्य जब उदय होता है तब श्री अवध धाम में बैठकर भगवान श्री राम के पावन चरित्रों का श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। सरयू जी की महिमा का बखान करते हुए महाराज श्री ने बताया सौ वर्षों तक गंगा में स्नान करने से जो पुण्य प्राप्त होता है वह पुण्य फल सरयू दर्शन मात्र से प्राप्त हो जाता है। श्रीमद् वाल्मीकि रामायण के रचयिता वाल्मीकि जी के जन्म की कथा का श्रवण कराते हुए महाराज श्री ने कहा सद्गुरु और संतों की कृपा पाकर वाल्मीकि जी ने श्रीमद् वाल्मीकि रामायण की रचना की।आदि काव्य श्रीमद् वाल्मीकि रामायण सभी पुराणों में अग्रगण्य हैं गुरु कृपा से ही भक्ति मार्ग की प्राप्ति होती है। जगतगुरु रामानुजाचार्य शंकराचार्य वल्लभाचार्य, इन्हीं के मार्गदर्शन से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। बंदउ गुरु पद पदुम परागा अज्ञान रुपी अंधकार से ज्ञान रुपी प्रकाश की ओर हमें अग्रसर करें वही सद्गुरु है गुरु की महिमा का वर्णन महाराज जी ने किया। गुरु कृपा से सबसे दुर्लभ बैकुंठ पद को भी प्राप्त किया जा सकता है। रघुवंश के राजाओं की कथाओं का श्रवण करते हुए महाराज श्री ने महाराज दिलीप के गो भक्ति की व्याख्यान सुनाते हुए कहा मां नंदिनी की सेवा रूप से किया गौ माता ने प्रसन्न होकर महाराज दिलीप को पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया। भयंकर कलिकाल में गौ सेवा ही सर्वोत्तम भक्ति है हम सभी जीवो को गौ माता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। कथा का समय सायंकाल 3 बजे से शाम 7 बजे तक है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें