: जो भगवान श्री कृष्ण की शरणागति प्राप्त करता है वह अभ्युदय हो जाता है: रामानुजाचार्य
बमबम यादव
Wed, Jul 30, 2025
जो भगवान श्री कृष्ण की शरणागति प्राप्त करता है वह अभ्युदय हो जाता है: रामानुजाचार्य
नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल के जयकारे से गुंजायमान हुआ रामलला सदन देवस्थानम
अयोध्या। श्रीधाम अयोध्या के रामजन्मभूमि स्थित ऐसा मंदिर जहां भगवान समेत उनके अनुजों का नामकरण संस्कार हुआ था उस प्रसिद्ध पीठ श्री रामलला सदन देवस्थानम में इन दिनों झूलनोत्सव का उल्लाह छाया हुआ है। झूलनोत्सव के पावन अवसर पर मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा हो रही है। व्यासपीठ से कथा की अमृत वर्षा देवस्थानम पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज कर रहें है। कथा के पंचम दिवस पर रामलला सदन नंदगांव बरसाना हो गया मौका था श्रीमद् भागवत कथा का। व्यास पीठ से रामलला सदन देवस्थानम पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानुजाचार्य डॉ स्वामी राघवाचार्य महाराज ने जैसे ही भगवान कृष्ण के जन्म के अद्भुत प्रसंग की व्याख्या की और कहां कि इस पावन धराधाम पर भगवान कृष्ण का अवतरण हुआ पूरा परिसर नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल के जयकारे से गुंजायमान हो उठा, भक्तगण मंत्रमुग्ध होकर नाचने लगे। कथा में पंचम दिवस में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया।
जगद्गुरु महाराज ने भगवान योग योगेश्वर श्री कृष्ण के जन्म की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जो प्राणी अपने आराधना के श्रद्धा पुष्प भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित करता है,अर्थात् जो श्रीकृष्ण की शरणागति प्राप्त करता है,वह सदा अभ्युदय पूर्ण जीवन जीकर मुक्ति का अधिकारी बनता है तथा उसके रोग, शोक, दुःख, द्ररिदता एवं विपदाओं का हरण हो जाता है।श्री महाराज जी ने बताया कि श्रीमद्भागवत मे भगवान ने कहा कि जब मनुष्य में अहम आ जाएं उसको मेरा दर्शन नहीं हो सकता, जिसका मन निश्चल होता है निष्पाप होता है सरल होता है और भाव से सब कुछ समर्पित कर देता है उसके लिए मेरी प्रति कठिन नहीं है।
श्री महाराज जी ने बताया कि ईश्वरीय प्रेम के बिना मानवीय जीवन का कल्याण नहीं हो सकता और व्यासपीठ से महाराज जी जैसे ही भगवान पारब्रह्म परमेश्वर श्री कृष्ण भगवान के जन्म की कथा कहने लगे और कहा कि प्रभु कारागार में अवतार ले लिए पूरा रामलला सदन मंदिर भगवान कृष्ण के जयकारे से गुंजायमान हो उठा और चारों ओर हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की जयकारे से गुंजायमान होने लगा उपस्थित सभी लोग भाव विभोर होकर के नाचने लगे ऐसा विहंगम दृश्य देखकर सभी लोग भाव विभोर हो गए और भगवान कृष्ण की आरती गाने लगे।कथा शुभारंभ के पहले व्यासपीठ का पूजन यजमान ओमप्रकाश जी ने सपरिवार किया। कथा के विश्राम बेला में पुनः आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। कथा में राजेश मिश्रा, रमेश मिश्रा सिब्बू, राघवेंद्र अप्पू, मनोज तिवारी, संगीतकार अवधेश जी सहित बड़ी संख्या में कथा प्रेमी मौजूद रहें।
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