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: रामकथा के माध्यम से भगवान राम के चरित्र का हो रहा गुणगान

बमबम यादव

Fri, Apr 12, 2024

रामनगरी के मठ मंदिरों में रामजन्मोत्सव का छाया उल्लास,चारो ओर बज रही बधाईयाँ

व्यासपीठ से कथा कहती सुरभि जी

अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों में शुमार हनुमान बाग मंदिर में रामजन्मोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। पूरे मंदिर को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। मंदिर में 151 वैदिक आचार्य नवाह परायण पाठ कर रहे तो शाम व्यास पीठ से प्रख्यात कथावाचिका सुरभि जी रामकथा की अमृत वर्षा कर रही है। यह महोत्सव महंत जगदीश दास महाराज के पावन सानिध्य में हो रहा है। कथा क्रम को आगे बढ़ाते हुए सुरभि जी कहती है कि अयोध्या शब्द सुनते ही स्वत: अर्थ बोध होने लगता है। जहां कोई युद्ध न हो।जहां के लोग युद्ध प्रिय न हो जहां के लोग प्रेम प्रिय हो।जहां प्रेम का साम्राज्य हो।जो श्रीराम प्रेम से पगी हो वो अयोध्या है।इसका एक नाम अपराजिता भी है।जिसे कोई पराजित न कर सके जिसे कोई जीत न सके अथवा जहां आकर जीतने की इच्छा ख़त्म हो जाये जहां सिर्फ़ अर्पण हो समर्पण हो वो अयोध्या है।अथवा इसका एक नाम अवध भी है और श्रीराम अवधेश कहलाये। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी नारायणाचार्य जी कर रहें।इस कार्यक्रम की देखरेख सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहे है। कथा में मुख्य रुप से श्रृंगार कुंज के महंत हरिभजन दास, हनुमान गढ़ी के महंत नंदराम दास, युवा नागा संत मामा दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।

तो वही रामकोट स्थित राम कृष्ण मंदिर में इन दिनों राम जन्मोत्सव की धूम मची है। पूरे मंदिर में बधाई गायन चल रहा है। मंदिर में रामकथा की अमृत वर्षा महंत शीतल दीदी जी कर रही है। कथाव्यास शीतल दीदी की रामकथा में जैसे ही कथा के दौरान अयोध्या में प्रभु श्रीराम ने जन्म लिया भये प्रकट कृपाल दिन दयाला के स्वर गूंज उठे। इसके साथ ही दशरथ नंदन कौशल्या नंदन रामलला के जयकारों के साथ गौशाला में मौजूद संत साधक झूम उठा। उन्होंने मुनि शतरूपा जय विजय के साथ नारद चरित्र की कथा भी सुनाई। शीतल जी ने कहा की जीवन में विनम्रता होना जरूरी है और जब आप बड़े हो जाते हैं या बड़े लोगों के साथ रहते हैं तो यह और जरूरी है। बड़ा बनाना या ऊंचे पद पर पहुंचना आसान है लेकिन वहां पर टिके रहना आसान नहीं है। इसके लिए तप चाहिए। बड़े आप बने हो तो आप की परीक्षा तो होगी। रामकृष्ण मंदिर में राम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर रामकथा का दिव्य आयोजन किया गया है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान ने किया।यह महोत्सव महामंडलेश्वर गणेशानंद महाराज के संयोजन में हो रहा है।

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