: श्री राम महल वैदेही भवन मंदिर के झूलनोत्सव की बिखरी छटा
बमबम यादव
Tue, Aug 5, 2025
श्री राम महल वैदेही भवन मंदिर के झूलनोत्सव की बिखरी छटा
महंत रामजी शरण महाराज के पावन सानिध्य में संत साधक भगवान को रजत के हिंडोले पर झूला रहें झूलन
रामनगरी के विशिष्ट संतों का हुआ समागम, अतिथियों का हुआ अभिनन्दन
अयोध्या। राम नगरी का प्रसिद्ध सावन झूला मेला अपने शबाब पर है। अयोध्या के हजारों मंदिरों में एक साथ झूले पड़ गए। इसे अनादिकाल से परंपरागत रूप मनाया जाता है। भगवान श्रीराम माता जानकी द्वारा सावन मास में की गई आनंद विहार की लीलाओं को आधार मानकर यह उत्सव मंदिरों में होता है। इसी के साथ अयोध्या के मंदिरों में झूलनोत्सव शुरुवात हो गई। यह उत्सव रक्षाबंधन तक यानी सावन पूर्णिमा तक चलेगा।
रामनगरी का अति प्राचीन प्रसिद्ध मंदिर श्री श्री राम महल वैदेही भवन में श्री महंत रामजी शरण महाराज की अध्यक्षता में भव्य झूलन महोत्सव भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में भव्य झूले में बिहार करते श्री भगवान श्री सीताराम की अनुपम छटा का दर्शन कर भक्त निहाल हो रहे हैं। रजत के हिंडोले में भगवान को संत साधक झूला रहें झूलन। इस महोत्सव की भव्यता श्री राम महल वैदेही भवन की साज सज्जा और भी आनंदित कर रही है। पूरा मंदिर रंग बिरंगे लाइट के झालरों से सजा हुआ है। पूरा मंदिर दुल्हन की तरह सजा हुआ है। हर तरह महोत्सव की आनंद में संत साधक गोता लगा रहें। आज एकादशी से मंदिर में झूलन महोत्सव प्रारंभ हुआ। जिसमें रामनगरी के विशिष्ट संतों का समागम हुआ। आयें हुए अतिथियों का स्वागत महंत रामजी शरण महाराज ने किया। इस मौके पर मणिराम दास छावनी के महंत कमलनयन दास, जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी बल्लभाचार्य, श्रीराम बल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, डांडिया मंदिर के महंत गिरीश दास, तुलसीदास जी की छावनी पीठाधीश्वर महंत जनार्दन दास, सियाराम किला के महंत करुणानिधान शरण, रामकचेहरी चारों धाम के महंत शशिकांत दास, पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।इसी प्रकार रामनगरी के कनक भवन, दशरथ राज महल बड़ा स्थान, श्रीराम बल्लभाकुंज, हनुबाग बाग, राम कचेहरी, पत्थर मंदिर, डांडिया मंदिर, जानकी महल ट्रस्ट, कोशलेश सदन, श्रीमणिराम छावनी, सियाराम किला, वेद मंदिर, लक्ष्मणकिला, जानकीघाट बड़ास्थान, श्यामा सदन, वैद्यजी मंदिर, रंगमहल आदि मंदिरों में झूलनोत्सव का उल्लास छाया है।
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