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: सनातन धर्म ही एक ऐसा धर्म है,जो जगत कल्याण की कामना करता है: महंत श्रीधर दास

बमबम यादव

Wed, Mar 29, 2023

कहा, गुरुदेव भगवान ने भगवान श्रीराम जन्मोत्सव पर जगत कल्याण की कामना से महायज्ञ का शुभारंभ किया था, उन्हीं का अनुसरण करते हुए मैं इस श्रीराम महायज्ञ को आगे बढ़ा रहा हूं...

विश्व कल्याण की कामना से पड़ रही आहुतियां, वैदिक मंत्रोच्चारण संग यज्ञशाला में प्रतिदिन हजारों आहुतियां डाली जा रही

अयोध्या। रामनगरी की प्रसिद्ध पीठ श्यामासदन मंदिर रामघाट में रामजन्मोत्सव पर धर्म-अध्यात्म की बैतरणी बह रही है। उत्सव का उल्लास मंदिर प्रांगण में फैला हुआ है। सिद्धपीठ श्यामासदन मंदिर में विगत 40 वर्षों से भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव पर श्रीराम महायज्ञ का आयोजन विश्व कल्याण की कामना से किया जा रहा है। उसी उपलक्ष्य में इस वर्ष भी श्यामासदन पीठाधीश्वर बालयोगी महंत श्रीधर दास महाराज के संयोजन में विश्व शांति के लिए महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। आश्रम में श्रीराम महायज्ञ का यह 40वां वर्ष है। वैदिक मंत्रोच्चारण संग यज्ञशाला में प्रतिदिन हजारों आहुतियां डाली जा रही हैं। इस अवसर पर बालयोगी महंत श्रीधर दास महाराज ने बताया कि हमारे गुरुदेव भगवान ने भगवान श्रीराम जन्मोत्सव पर जगत कल्याण की कामना से महायज्ञ का शुभारंभ किया था। उन्हीं का अनुसरण करते हुए मैं इस श्रीराम महायज्ञ को आगे बढ़ा रहा हूं। वर्तमान समय में सत्य सनातन धर्म पर आघात करने वाले सैकड़ों लोग तैयार हो गए हैं। लेकिन सनातन धर्म ही एक ऐसा धर्म है। जो जगत कल्याण की कामना करता है। विश्व में शांति की स्थापना के लिए कार्य करता है। वर्तमान समय में मानवता पर संकट है। पूरे विश्व में अफरा-तफरी का माहौल है। लोग एक दूसरे के प्रति ईर्ष्या द्वेष की भावना से - देख रहे हैं। एक देश, दूसरे देश से लड़ रहे हैं। सभी में शांति और सद्भावना हो इसी संकल्प के साथ इस वर्ष महायज्ञ का शुभारंभ 26 मार्च को पंचांग पूजन मंडप प्रवेश के साथ अग्नि देवता को प्रकट किया गया। महायज्ञ में प्रतिदिन आहुतियां पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि 22 मार्च से मंदिर में नवाह परायण पाठ प्रारंभ है, पूर्णाहुति 30 मार्च को होगी। इसके अलावा मठ में सीताराम संकीर्तन, अखंड रामायण, श्रीरामकथा व रामलीला चल रही है। 30 मार्च को मंदिर में भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। श्रीराम जन्मोत्सव में सम्मिलित होने के लिए बड़ी संख्या में भक्तगण पहुंच गए हैं।

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