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: नही रहें निर्वाणी अखाड़ा हनुमानगढ़ी के प्रख्यात मूर्धन्य विद्वान् आचार्य राम देव शास्त्री

बमबम यादव

Sat, Feb 25, 2023

संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास के देखरेख में आचार्य रामदेव जी को दिया गया जल समाधि

निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्री महंत मुरली दास, पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास,गद्दीनशीन के शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास व महंत राजेश पहलवान ने दिया श्रद्धांजलि

अयोध्या। सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी सागरिया पट्टी के मूर्धन्य विद्वान आचार्य रामदेव शास्त्री के निधन पर संतों में शोक की लहर छा गई। 

उनके निधन पर दुख प्रकट करते हुए हनुमानगढ़ी के श्री महंत ज्ञानदास जी महाराज के उत्तराधिकारी शिष्य व संकटमचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजयदास ने कहा कि आचार्य रामदेव शास्त्री जी मूर्धन्य विद्वान थे। इन्होंने कई धार्मिक पुस्तकों की रचना की थी। जिसमें अयोध्या के कुंडों पर विशेष शोध किया गया था। आचार्य श्री का सानिध्य हमें हमेशा मिलता रहा है। भगवान श्री सीताराम जी उनको अपने श्रीधाम में स्थान दे। 

पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास महाराज ने कहा कि शास्त्री जी महाराज की रिक्त स्थान की पूर्ति अब नहीं हो सकती क्योंकि वह साधुता और सेवा की प्रतिमूर्ति थे। आचार्य रामदेव शास्त्री साकेतवासी गद्दीनशीन श्री महंत राम बालक दास जी महाराज के प्रिय शिष्य जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी स्वामी हर्याचार्य महाराज के शिष्य थे और उच्च कोटि के विद्वान साधक संत थे।

निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्री महंत मुरली दास महाराज, गद्दीनशीन के शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास व महंत राजेश पहलवान ने दुख प्रकट किया।

आचार्य रामदेव दास जी को जल समाधि उनके शिष्य नागा अभिषेक दास ने दी। उनके बड़े शिष्य सहदेव दास गंगासागर मे थे गुरुदेव भगवान के निधन पर दुखी हैं रविवार तक अयोध्या में पहुंच जाएंगे। उनका अंतिम संस्कार संत परंपरा के अनुसार किया गया इस अवसर पर गद्दी नशीन के शिष्य डां महेश दास, महंत सत्यदेव दास, महंत बलराम दास, महंत अजीत दास, महंत सुरेंद्र दास, पुजारी रमेश दास,रमेश शास्त्री, कौशल दास, पुजारी हेमंत दास, विवेक दास, उपेंद्र दास सहित बड़ी संख्या में नागा साधु मौजूद रहें।

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