: वेदपाठी बटुकों के त्रिपुंड तिलक लगाने पर भड़के बड़ा भक्त पाल पीठाधीश्वर
बमबम यादव
Fri, Apr 11, 2025
वेदपाठी बटुकों के त्रिपुंड तिलक लगाने पर भड़के बड़ा भक्त पाल पीठाधीश्वर
कहा,अयोध्या धाम अयोध्या वैष्णव की नगरी है,हमारी पहचान है ऊर्ध्व पुंड्र तिलक
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या वैष्णव नगरी है। हमारी पहचान है ऊर्ध्व पुंड्र तिलक है। हमें अपनी पहचान बनायें रखने की जरूरत है। इससे खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं है। आज एक कार्यक्रम के दौरान सनकादिक आश्रम के वेदपाठी बटुक त्रिपुंड तिलक लगा के पहुंचे तो उन्हें इन तिलक में देखकर बड़ा भक्त माल आश्रम पीठाधीश्वर श्रीमहंत अवधेश दास जी महाराज भड़क उठे।उन्होंने कहा कि वैष्णवों की पहचान ऊर्ध्व पुंड्र तिलक है,त्रिपुंड तिलक शैव की पहचान है। श्रीमहंत अवधेश दास ने कहा कि मुझे शैव सम्प्रदाय से कोई समस्या नही है लेकिन वैष्णव नगरी में शैव तिलक कतई बर्दाश्त नही किया जायेगा। हमारी पहचान ऊर्ध्व पुंड्र तिलक है। इसलिए सभी को यही तिलक लगानी चाहिए। बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर ने सभी से अपील करते हुए कहते है अयोध्या धाम के सभी संत साधक व वेदपाठी बटुक ऊर्ध्व पुंड्र तिलक लगायें और तुलसी जी की माला धारण करें। इससे समझौता न करें। बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर जी ने कहा कि उर्ध्व पुंड्र वैष्णव धर्म के अनुयायियों द्वारा पहना जाने वाला तिलक है, जो यह दर्शाता है कि वह हमारे आराध्य भगवान श्री सीताराम के भक्त हैं। उन्होंने कहा कि आजकल नये लोग मनमाना तिलक लगाकर घूमते है ये गलत है। इसको लेकर वह एक संतों के साथ बैठक करेगें।
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