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: ‘अटल‘ के लीड कलाकारों ने किया रामलला का दर्शन पूजन

बमबम यादव

Tue, Apr 9, 2024

नेहा जोशी और आशुतोष कुलकर्णी ने रामनवमी उत्सव से पहले पहुंचे अयोध्या 

प्रेसवार्ता करती नेहा जोशी और आशुतोष कुलकर्णी

अयोध्या। राम नवमी सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है और इस दिन भगवान राम के जन्म का उत्सव मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में अत्यधिक धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखती है। इस साल अयोध्या में श्रीराम का जन्मोत्सव काफी धूमधाम के साथ मनाये जाने की उम्मीद है, क्योंकि हाल ही में यहां पर भव्य राम मंदिर का उद्घाटन हुआ, जो आस्था, समर्पण, सांस्कृतिक विरासत एवं वास्तुशिल्प कौशल का प्रतीक है। विश्व विख्यात राम मंदिर की भव्यता को निहारने और राम नवमी के भव्य उत्सव को लेकर शहर की तैयारियों को देखने के लिये एण्डटीवी के शो ‘अटल‘ के प्रमुख कलाकारों कृष्णा देवी वाजपेयी (नेहा जोशी) और कृष्ण बिहारी वाजपेयी (आशुतोष कुलकर्णी) ने पहली बार अयोध्या की यात्रा की। यह एक यादगार पल था, जिसने उन्हें अपने आध्यात्मिक सफर को प्रदर्शित करने और उत्सव से पहले राम लला का आशीर्वाद लेने में सक्षम बनाया। 

नेहा जोशी ऊर्फ एण्डटीवी के ‘अटल‘ की कृष्णा देवी वाजपेयी ने अपने रोमांच और अनुभव के बारे में बताते हुये कहा, ‘‘राम मंदिर जाने के सिर्फ विचार ने ही मेरे मन को आभार एवं समर्पण की भावना से भर दिया था। भगवान राम का भक्त होने के नाते, अयोध्या जाने और मंदिर में दर्शन करने का मौका पाना, मेरे लिये किसी सपने के सच होने जैसा था। राम लला की पावन मूर्ति के सम्मुख खड़े होना एक ऐसा अनुभव था, जिसे मैं कभी भुला नहीं पाऊंगी। मैं वाकई अवाक् एवं भावुक थी। मैंने जैसे ही राम लला का मनभावन मुखड़ा देखा, मेरी आंखों में खुशी के आंसू उमड़ पड़े। जब राम लला के सामने खड़े होकर मैंने प्रार्थना की और आशीर्वाद मांगा, तो उनकी मूर्ति को देखना मेरे लिए असंभव हो गया। वह मानो किसी दूसरी दुनिया से अवतरित, दिव्य प्रतीत हो रही थी। उस पावन पल में मुझे एक गहरी शांति और सुकून की अनुभूति हुई, जिसने समर्पण और विनम्रता के भावों को जगाते हुए मुझमें आत्मसमर्पण का भाव उत्पन्न किया। मैंने हमारे शो की निरंतर कामयाबी और साथ ही अपने प्रियजनों की कुशलता के लिये प्रार्थना की। हम जैसे ही वहां से निकलने के लिये तैयार हुये, पूरा माहौल जय श्री राम के मंत्रों से गूंज उठा और राम नवमी के उपलक्ष्य में चल रहे उत्सवों की खुशी से भर गया। कुछ भक्त हमारे पास भी आ गये और उन्होंने हमारे शो और इसके किरदारों के प्रति अपना प्यार जताया। उनका यह व्यवहार दिल को छू लेने वाला था और वाकई में हम खुद को खुशकिस्मत मानते हैं, कि हमें यह सौभाग्य मिला। यह आध्यात्मिक यात्रा मेरे हृदय और आत्मा पर एक अमिट छाप छोड़ गई, जिसने मुझे आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बना दिया।‘‘पहली बार राम मंदिर में आने के अपने अनुभव बताते हुये आशुतोष कुलकर्णी ऊर्फ कृष्ण बिहारी वाजपेयी ने कहा, ‘‘राम नवमी पूरे देश और दुनिया भर में बेहद उत्साह एवं समर्पण के साथ मनाई जाती है। हालांकि, खासतौर से अयोध्या में राम नवमी का उत्सव का उत्साह राम मंदिर के शुभारंभ के साथ बेहद भव्य था। मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि राम नवमी उत्सव से पहले मुझे राम मंदिर जाकर भगवान राम का आशीर्वाद लेने और यहां की भव्य तैयारियों को देखने का मौका मिला। यह वाकई में प्रेरणादायक और अद्भुत अनुभव था। मंदिरों की कलात्मक वास्तुकला ने मुझे हमेशा ही चैंकाया है और राम मंदिर इसमें पीछे नहीं था। मंदिर परिसर में कदम रखते ही मेरे अंदर समर्पण की गहरी भावना जागृत हो गई। ‘जय श्री राम‘ के खूबसूरत मंत्रोच्चार में मैं डूब गया। जब मैं गर्भगृह के निकट पहुंचा, तो राम लला की दिव्य मूर्ति के दर्शन हुए, जो भगवान राम के शाश्वत ब्रह्मांडीय प्रकाश का प्रतीक है। इस दृश्य ने मुझे श्रद्धा से नतमस्तक कर दिया। वेद मंत्रों के लयबद्ध उच्चारण और अगरबत्ती की सुगंध ने उस पवित्र वातावरण को और भी गहरा कर दिया, जिससे मेरा ईश्वर से संबंध और भी मजबूत हुआ। भक्तों के साथ ‘जय श्री राम‘ का मंत्रोच्चार करना एक खूबसूरत पल था, जो मुझे हमेशा याद रहेगा। यह एक बेहद खूबसूरत और यादगार अनुभव था। मंदिर से वापस लौटते समय मैंने अपने परिवार वालों और दोस्तों के लिये मिठाईयां एवं प्रसाद लिये।‘‘

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