Tuesday 5th of May 2026

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संतों के सानिध्य में 6 दिवसीय आयोजन सम्पन्न, कथा व रासलीला ने भक्तों को किया भावविभोर

अयोध्या में पार्किंग व्यवस्था पर सवाल, श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के आरोप

सृष्टि एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही: प्रबंध निदेशक रवि यादव 

सौरभ कुमार ने 98.10 व सुमित तिवारी ने 96.64 अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया 

संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की

सुचना

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: शिद्दत से शिरोधार्य हुए झुनझुनिया बाबा

बमबम यादव

Sun, Jul 27, 2025
शिद्दत से शिरोधार्य हुए झुनझुनिया बाबा सियाराम किला में संस्थापक आचार्य की 31वीं पुण्यतिथि पर संतों ने पुष्पांजलि अर्पित किया अयोध्या। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की धराधाम को सन्तो की सराह भी कही जाती है। या हम यूं कह ले कि रामनगरी में अनेक भजनानन्दी सन्त हुये उनमें से एक रहे विभूषित जगदगुरू स्वामी श्री जानकी शरण झुनझुनिया बाबा जो रामनाम के सच्चे साधक के रूप में न सिर्फ अयोध्या अपितु पूरे भारत में रामनाम की अलख जगायी। झुनझुनिया बाबा का नाम अयोध्या के सिद्ध संतों में शामिल है। बाबा को सीता जी की सखी चंद्रकला का अवतार कहा जाता है। यही वजह थी कि बाबा हमेशा स्त्री रूप में रहते थे और राम धुन में लीन रहते थे। रसिक भाव से श्रीराम नाम का प्रचार कर उसे जनमानस के हृदय में प्रतिष्ठित करने वाले स्वामी जानकी शरण महाराज उर्फ झुनझुनिया बाबा की गिनती अयोध्या के सिद्ध संतों की अग्रणी पंक्ति में की जाती है। महाराजश्री को सीता जी की सहेली चंद्रकला का अवतार माना जाता है। उन्होंने सरयू के तट पर जहां तपस्या की थी। वहां सियाराम किला भव्य मंदिर बना हुआ है। रविवार को सियारामकिला झुनकी घाट पर 31वीं पुण्यतिथि समारोह पूर्वक मनाई गई। जिसमें रामनगरी के विशिष्ट संत-महंत और धर्माचार्याें ने पूर्वाचार्य की प्रतिमा पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। संताें ने संस्थापक आचार्य के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश भी डाला। सियारामकिला झुनकी घाट के वर्तमान पीठाधीश्वर करुणानिधान शरण महाराज ने कहा कि दादा गुरूदेव अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे। उनकी गणना सिद्ध संताें में हाेती रही है। उनका व्यक्तित्व बड़ा ही उदार था। रामनगरी के सभी संत-महंत उनका आदरपूर्वक सम्मान करते थे। जीवन पर्यंत मठ के उत्तराेत्तर समृद्धि में लगे रहे। आज उन्हीं की देन है कि आश्रम अयाेघ्यानगरी के प्रमुखतम पीठाें में से एक है। जहां गाै, संत, विद्यार्थी व आगंतुक सेवा सुचार रूप से चल रही है। इस माैके पर मणिराम छावनी के महंत कमलनयन दास, निर्वाणीअनि अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास, जानकी घाट बड़ा स्थान के रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण,जगद्गुरू रामानन्दाचार्य रामदिनेशाचार्य, जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी बल्लभाचार्य,महंत गौरीशंकर दास, बड़ाभक्तमाल महंत अवधेश दास, खाक चौक के महंत बृजमोहन दास,महंत गिरीश दास, महंत मनीष दास,महंत अवध किशोर शरण, महंत रामकुमार दास, महंत बलराम दास, तुलसी दास जी की छावनी पीठाधीश्वर महंत जनार्दन दास, महंत रामजी शरण,महंत शरद जी, करतलिया बाबा आश्रम पीठाधीश्वर महंत रामदास, पूर्व सांसद लल्लू सिंह,महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, उत्तम बंसल,राजू दास,पार्षद पुजारी रमेश दास, प्रियेश दास,आलोक मिश्रा, महेंद्र त्रिपाठी आदि संत-महंत व भक्तगण उपस्थित रहे।

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