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: त्याग तपस्या साधना का केंद्र बिंदु हनुमान बाग मंदिर

बमबम यादव

Tue, Jul 11, 2023

हनुमान बाग मंदिर में भगवान की हो रही अष्टयाम सेवा

महंत जगदीश दास महाराज के सानिध्य में गौ सेवा, साधु सेवा,अभ्यागत सेवा हो रही तनमयता से

अयोध्या। संतो की सराय कही जाने वाली रामनगरी अयोध्या जहां अनेक भजनानंदी संत हुए है जिनके त्याग तपस्या के बलबूते न सिर्फ अयोध्या बल्कि पूरे भारत में संत समाज की गरिमा वैभव को स्थापित किया है। ऐसा ही प्रसिद्ध मंदिर हनुमान बाग है। जहां पर सच्ची साधना संतो की जगजाहिर है। हनुमान बाग परिसर में मनुष्य जीवन को कृतार्थ करने वाले सीताराम, सीताराम के कर्णप्रिय जप की गूंज चारों तरफ सुनाई देता है।अयोध्या में मंदिर निर्माण की शुरुआत होने के बाद से रामभक्तों में उत्साह है। जो भी अयोध्या दर्शन के लिए आता है हनुमानजी का जरूर करने जाता है।साधना शुचिता और वैराग्य के अमृतपुंज भगवान महाबीर की आध्यात्मिक स्थली श्रीअयोध्याजी के मर्यादित आश्रमों में सिद्धपीठ श्रीहनुमानबाग गरीबों मजलूमों की सेवा कर अपने परिकल्पना को परिलक्षित कर रहा है। मंदिर में गौ सेवा अपने आप में अद्वितीय है सौकड़ों गौ सेवा ले लिए दर्जनों सेवादार लगे रहें है। जो नित्य गौ सेवा में लगे रहते है। इसकी देखरेख स्वयं हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास महाराज करते है। तो वही साधु संत व अभ्यागतों की सेवा के लिए भी सेवादारों की लगें रहते है जो बालभोग से लेकर प्रसाद विधिवत कराया जाता है जिसकी संख्या नित्य सौकड़ों में होती है। अयोध्या आने वाले भक्त नित्य प्रसाद पाने हनुमान बाग आश्रम पहुंचते है।मंदिर में भगवान की अष्टयाम सेवा बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ होती है। इन सबकी देखरेख महंत जगदीश दास महाराज स्वयं करते है। मंदिर में सौकड़ों बटुक विद्यार्थी रहकर वेद अध्ययन करते है इन बटुकों के रहने खाने की उत्तम व्यवस्था मंदिर में की गई है। मंदिर में भक्तों की एक लम्बी श्रृंखला है जो समय समय पर अपनी श्रद्धा निवेदित करने अयोध्या आया करते है। मंदिर से जुडे पुजारी योगेंद्र दास,सुनील दास,रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री आदि सेवा में लगे रहते है।

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