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: श्री लक्षचण्डी महायज्ञ में सम्पूर्ण विश्व के कल्याण की भावना निहित हो पड़ी करोडों आहुतियां

बमबम यादव

Sun, Mar 10, 2024

रामनगरी में दसवाँ श्री लक्षचण्डी महायज्ञ मां सरयू के पावन तट पर हुआ सम्पन्न: महामण्डलेश्वर स्वामी प्रखर जी महाराज

अयोध्या। रामनगरी मां सरयू के पावन गोद में हो रहें ऐतिहासिक श्री लक्षचण्डी महायज्ञ, श्री लक्षगणपति महायज्ञ एवं श्रीराम यज्ञ की आज पूर्णाहुति हो गई। यज्ञ सम्राट महामण्डलेश्वर स्वामी प्रखर जी महाराज के पावन सानिध्य एवं श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य डॉ० राघवाचार्य महाराज के संयोजकत्व में सर्वांगीण विकास, विश्वकल्याणार्थ एवं योग्यतानुरूप शिक्षा के विकास से पावन संकल्प के साथ 17 दिवसीय अनुष्ठान का आज समापन हो गया। 100 कुण्डीय इस विराट में करोड़ों मंत्रों के साथ विश्व कल्याण की भावना से आहुतियां डाली गई। यज्ञाचार्य पं० लक्ष्मीकान्त दीक्षित, काशी एवं उनके 21 सदस्यीय कर्मकाण्डीय वैदिक दल के द्वारा देश-विदेश से सम्मिलित 100 यजमानों के माध्यम से हवन कुण्ड में अन्तिम आहुति प्रदान की गई। इस अवसर पर पूज्य महाराज श्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि विगत 16 दिनों से 1700 विद्वान ब्राह्मणों ने प्रातः से लेकर रात्रि तक बहुत कठिन साधना के माध्यम से यह महायज्ञ सम्पन्न कराया है, वास्तव में बहुत-बहुत धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने यज्ञाचार्य पं० लक्ष्मीकान्त दीक्षित जी एवं उनकी टीम के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं श्री दीक्षित जी एवं उनकी टीम के समस्त वैदिकों का भी बहुत आभारी हूँ जिनके द्वारा यह दसवाँ श्री लक्षचण्डी महायज्ञ आज पावन अयोध्या धाम के सरयू तट पर सम्पन्न हुआ है, इससे पूर्व 9 श्री लक्षचण्डी महायज्ञ, देश के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में सम्पन्न कराए गए हैं, जिनके सफल परिणामों को आप सबने स्पष्ट महसूस किया है। उन्होंने महायज्ञ में प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी महानुभावों का भी हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया तथा महायज्ञ में देश-विदेश से सम्मिलित 100 यजमानों को भी आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने यजमानों से कहा कि आप लोगों ने भी बहुत कठिन तप करके तन, मन एवं धन से सहयोग प्रदान कर आयोध्या सहित सम्पूर्ण विश्व के मंगल की कामना की है, उसके लिए आप सब भी बहुत-बहुत धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आप लोगों ने अपने धन के सदुपयोग से विश्व की मंगल कामना से इस महायज्ञ को सम्पन्न कराकर यह सिद्ध कर दिया है कि भारत में ही सम्पूर्ण विश्व के कल्याण की भावना निहित है। महाराज श्री ने कहा कि आप लोगों ने इस महायज्ञ में तन से, मन से एवं धन से जो भी सहयोग प्रदान किया है, माता भगवती उससे अनन्त गुणित पुण्यफल आपको अवश्य प्रदान करेंगी, इसमें कोई सन्देह नहीं है। महायज्ञ के समानान्तर प्रतिदिन आयोजित हो रहे सन्त सम्मेलन, श्रीराम लीला, श्रीकृष्ण लीला एवं सरयू अरती को भी महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ ही आज से विश्राम दिया गया। यह जानकारी श्री प्रखर परोपकार मिशन ट्रस्ट की संयुक्त सचिव माता चिदानन्दमयी जी ने दिया। इस अवसर पर तिलकराज शर्मा, राजेश अग्रवाल, दर्शन गुप्ता, प्रवीन नेमानी, मनीष गर्ग, अभिषेक गुप्ता, सर्वेश गुप्ता, प्रेम जिन्दल, राजेन्द्र शर्मा, कमलेश शर्मा, वीरेन्द्र व्यास, राधेश्याम शर्मा, सुधीर भाई अग्रवाल, विजय सिंगला, आनन्द बंसल, अभिषेक गुप्ता, सर्वेश गुप्ता, इन्दू शुक्ला, अनिल गुप्ता, विजय कानोडिया, डूंगर सिंह राठौर, रघुनाथ सिंह, राम मोहन बेड़िया, अर्पित गर्ग, अनिल गर्ग, किरण गर्ग, राजकुमार जिन्दल, डॉ० जी०सी० पाठक, श्रीहरि तिवारी, अमित शुक्ला, राघवेन्द्र मिश्र, सिब्बू मिश्र, दिनेश मिश्रा, कनिष्क मेहता, गौरी शंकर भारद्वाज, सीताराम बडोनी आदि भक्तजन उपस्थित रहे।

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