Wednesday 4th of November 2026

ब्रेकिंग

श्रीराम एवं मां सीता को परमाराध्य एवं उनके दूत हनुमान जी को परमाचार्य के रूप में स्वीकृत- शिरोधार्य

दिगंबर अखाड़ा में हुतात्मा कारसेवक स्मृति सभा का भव्य आयोजन, चंपत राय बोले- 500 वर्षों के संघर्ष और कारसेवकों के बलिदान

भक्ति आंदोलन मंच न्यास का विस्तार, महंत परशुराम दास बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बाल योगी रामदास को प्रदेश की कमान

सर्किट हाउस में हुआ स्वागत, बादल बोले- संगठन को मिलेगी नई मजबूती

हनुमानगढ़ी स्थित आश्रम में जुटे संत-महंत और राजनीतिक हस्तियां, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी कर चुके थे आश्रम

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: सुखद अनुभवों की अंतहीन खोज का नाम है खुशी: राघवचरणानुरागी

बमबम यादव

Wed, Apr 6, 2022

जानकी महल ट्रस्ट में समाजसेवी हरिओम तिवारी सुना रहे हैं रामकथा का प्रवचन

अयोध्या। मानवता जब-जब भी दानवता के द्वारा प्रताड़ित की जाती है, तब ईश्वर मानवता तथा विश्व के कल्याण हेतु धरा पर जन्म लेते हैं। मानवता ही राम हैं, और दानवता ही रावण। अर्थात जब हमारे अंदर करुणा, प्रेम, दया, समानता का भाव उत्पन्न होता है, तब हम राम-नामी सुमार्ग पर चलते हैं, परंतु जब हम सतमार्ग को छोड़कर ईर्ष्या, द्वेष, जलन भावना आदि में पड़ जाते हैं तो हमारे अंदर रावण रूपी अहंकार का जन्म होता है। यह बातें जिले राघवचरणानुरागी सेवा दल के राष्ट्रीय संरक्षक तथा समाजसेवी हरिओम तिवारी ने अयोध्या स्थित जानकी महल में चल रही श्री राम कथा के दौरान कथा व्यास के रूप में कथा सुनने आये हुये भक्तों को सुनाई। हरिओम ने कहा कि यदि खुशी की कोई  सार्थक परिभाषा है, तो वह है वास्तव में सुखद अनुभवों की खोज करना। अर्थात सुखद अनुभवों की अंतहीन खोज का नाम ही खुशी है। ज्ञात हो कि कथा में युवा संवाद की ओर विशेष रूप से बल दिया गया। समाजसेवी ने आये हुये श्रद्धालुओं को सनातन धर्म की विशेषताएँ-लाभ व उसके प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यम बताये।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें