: सत्संग व भगवत कथा श्रवण का सुअवसर भगवान की असीम कृपा से मिलता है: गोपालकृष्णमाचार्य
बमबम यादव
Thu, May 5, 2022
हनुमान बाग में चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ पड़ रही आहुतियां

अयोध्या। अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ में 51 वैदिक आचार्य आहुतियां डाल रहे है। पूरा हनुमान बाग मंदिर परिसर दक्षिण परम्परा के पूजा पद्धति के वातावरण से सराबोर है। कार्यक्रम में प्रातःकाल ही वाल्मीकीय पारायण पाठ का सस्वर पाठ 108 वैदिक आचार्यों द्धारा किया जा रहा है। तो देर शाम वाल्मीकीय रामायण की कथा का रसास्वादन दक्षिण से चल कर आये प्रख्यात विद्धान गोपालकृष्णमाचार्य करा रहे हैं। ये पूरी कथा तेलूगु भाषा में हो रही है। जिसका हिंदी में व्याख्यान हनुमान बाग के आचार्य कर रहे है।भव्य श्री वाल्मीकीय रामायण कथा आज तृतीय दिवस की कथा में गोपालकृष्णमाचार्य महाराज श्री भगवान के बाल स्वरूप एंव उनके अद्भुत बाल क्रीड़ाओं पर अद्भुत रस का वर्षण किया। कथा को विस्तार करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि
सत्संग व भगवत कथा श्रवण का सुअवसर भगवान की असीम कृपा से प्राप्त होता है। मानव जीवन में ऐसा मौका तब आता है जब जन्म-जन्मांतर के पुण्य प्रकट होते हैं। इसके लिए मन की शुद्धि आवश्यक है और भगवान की कथा अंत:करण व मन को पवित्र कर देती है। सत्संग के बिन मन को पवित्र करने वाला दूसरा कोई साधन नहीं है। क्योंकि तन तो गंगा स्नान से शुद्ध हो जाते हैं। पंचगव्य पान से शरीर के रोम-रोम से लेकर हड्डी के अंदर तक की अशुद्धि दूर हो जाती है। लेकिन मन को केवल भगवत कथा सत्संग ही शुद्ध कर सकता है। गोपालकृष्णमाचार्य जी ने कथा के क्रम में कहा कि मन की पवित्रता के बिना सभी सत्कर्म निष्फल हो जाते हैं। मन ही मनुष्य के बंधन व मुक्ति दोनों का करण हैं। विषयों में आशक्त मन बंधन का कारण है, जबकि विषयों से विरक्त मन मुक्ति का हेतु है। भगवान के कथनों का उल्लेख करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि श्री हरि खुद कहते हैं कि मेरी इस गाथा को ज्यो-ज्यों सुना जाता है, त्यों-त्यों आत्मा का परिमार्जन व मन विशुद्ध होने लगता है। कथा को विस्तार देते हुए आचार्य जी महाराज ने कहा कि भगवान की कथा भक्तों का आहर है।कथा से पूर्व यजमान लक्ष्मी न्यायापति ने व्यासपीठ का पूजन किया। यह आयोजन श्री वेंकाटाचार्य वैदिक संस्थान के तत्वावधान में हो रहा है। कार्यक्रम हनुमान बाग सेवा संस्थान के सानिध्य में सम्पादित हो रहा है।इस महाउत्सव को हनुमान बाग के महंत जगदीश दास महाराज का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। इस मौके पर मंदिर के व्यवस्थापक सुनील दास, रोहित शास्त्री सहित दक्षिण से हजारों भक्त इस महाउत्सव में शामिल हुए।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन