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: रामकथा भगवान के लीला, चरित्र, गुणों की गाथा है: शीतल जी

बमबम यादव

Sun, Apr 3, 2022

रामकृष्ण मंदिर में बह रही रामकथा की रसधार

अयोध्या। रामनगरी के मठ मंदिर अपने आराध्य के जन्म महोत्सव का आनंद लेने के लिए तैयार है। मंदिरों में चारों तरह मंगल ध्वनि मे भगवान राम के चरित्र का गुणगान व नवाह्न पारायण पाठ का चल रहा है। रामकोट स्थित रामकृष्ण मंदिर में सुबह नवाह्न पारायण पाठ तो शाम रामकथा की बह रही रसधार।जिसमें संत साधक गोता लगा रहें। मंदिर की महंत पूज्य शीतल दीदी व्यासपीठ से कथा कह रही है। कथा के द्धितीय दिवस शीतल दीदी ने कहा कि किसी आम व्यक्ति के जीवन चरित्र को एक दो या चार बार सुनने के बाद उसके प्रति उबन पैदा हो जाता है  लेकिन यह भगवान की कथा है सत्य की कथा है इस नाते हमेशा कुछ न कुछ नया लगता है। इसे बार-बार कहने एवं सुनने की इच्छा हमेशा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि भगवान राम लक्ष्मण भरत और शत्रुघन के चरित्र में प्रदर्शित त्याग और तपस्या की बातों को निरंतर श्रवण करते रहने से सुनने वाले के अंदर भी ऐसे ही महान गुणों का समावेश हो जाता है। हमेशा भगवान की कथा सुननी चाहिए हर घर में रामचरित मानस हो तथा नित्यदिन इसको पढ़े व लोगों को श्रवण कराएं। शीतल जी ने कहा कि हनुमान जी को रामनाम प्रिय है जहां भी रामकथा होती है वहां वे कथा सुनने आते हैं। हनुमान जी के हृदय में श्रीराम का निवास है। भगवान कभी जन्म नही लेते है हमेशा अवतार होता है। व्यासपीठ का पूजन यजमान ने किया। महोत्सव का संचालन महामंडलेश्वर गणेशानंद जी महाराज ने किया।

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