: दो संस्कृतियों का होगा संगम, जिससे दुनिया हमारी सर्वश्रेष्ठ संस्कृति को समझ सके: महंत अवधेश दास
बमबम यादव
Fri, Dec 17, 2021
सिद्धपीठ बड़ा भक्त माल मंदिर में 19 वें अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन का होगा 2 दिवसीय आयोजन जिसमें कवि सम्मेलन गोष्ठी और साहित्य सम्मान का होगा समागम
अयोध्या। भगवान श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन का आयोजन सिद्ध पीठ बड़ा भक्तमाल के प्रांगण में होगा। अवध की धरती पर मैथिली साहित्य के विद्वान होंगे इकट्ठा संवैधानिक अधिकार दिवस के रूप में 19 वें अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन में कवि सम्मेलन गोष्ठी और साहित्य सम्मान का होगा आयोजन। मैथिली सम्मेलन के द्वारा अयोध्या और मिथिला के संबंधों को भी दिया जाएगा नया आयाम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित देश के कई हस्तियों को मैथिली सम्मेलन में किया गया है आमंत्रित।बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश कुमार दास ने बताया कि 22 व 23 दिसंबर को अयोध्या में दो संस्कृतियों का संगम होगा जिससे दुनिया हमारी सर्वश्रेष्ठ संस्कृति को समझ सकेगी। उन्होंने बताया कि माता जानकी मिथिला की है और प्रभु श्री राम अवध क्षेत्र अयोध्या के इसलिए अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन अयोध्या में हो रहा है इससे इसका और महत्व बढ़ जाता है। कार्यक्रम आयोजन के महासचिव डॉक्टर बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने बताया कि महंत कौशल किशोर दास जी की अध्यक्षता में कौशलेंद्र कथा मंडप में 22 व 23 दिसंबर को 19वें अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मैथिली एवम् मैथिलक विषय पर केंद्रित अंतर्राष्ट्रीय गोष्ठी का आयोजन होगा इसके साथ ही कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संविधान में आठवीं अनुसूची में सम्मिलित विभिन्न भाषा में उत्कृष्ट योगदान और बेहतर प्रदर्शन करने वालों व्यक्तियों को मिथिला रतन से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय झा , जिवेश मिश्र पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राजनीतिक हस्तियों को भी मिथिला सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन